Skip to main content

اَلَّا تَزِرُ وَازِرَةٌ وِّزْرَ اُخْرٰىۙ   ( النجم: ٣٨ )

That not
أَلَّا
कि ना
will bear
تَزِرُ
बोझ उठाएगी
a bearer of burdens
وَازِرَةٌ
कोई बोझ उठाने वाली
(the) burden
وِزْرَ
बोझ
(of) another
أُخْرَىٰ
किसी दूसरे की

Alla taziru waziratun wizra okhra (an-Najm 53:38)

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

यह कि कोई बोझ उठानेवाला किसी दूसरे का बोझ न उठाएगा;

English Sahih:

That no bearer of burdens will bear the burden of another ([53] An-Najm : 38)

1 Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

जिन्होने (अपना हक़) (पूरा अदा) किया इन सहीफ़ों में ये है, कि कोई शख़्श दूसरे (के गुनाह) का बोझ नहीं उठाएगा