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अल-हदीद आयत २९ | Al-Hadid 57:29

So that
لِّئَلَّا
ताकि
may know
يَعْلَمَ
जान लें
(the) People
أَهْلُ
एहले किताब
(of) the Book
ٱلْكِتَٰبِ
एहले किताब
that not
أَلَّا
ये कि नहीं
they have power
يَقْدِرُونَ
वो क़ुदरत रखते
over
عَلَىٰ
किसी चीज़ पर
anything
شَىْءٍ
किसी चीज़ पर
from
مِّن
फ़ज़ल में से
(the) Bounty
فَضْلِ
फ़ज़ल में से
(of) Allah
ٱللَّهِۙ
अल्लाह के
and that
وَأَنَّ
और बेशक
the Bounty
ٱلْفَضْلَ
फ़ज़ल
(is) in Allah's Hand
بِيَدِ
अल्लाह के हाथ में है
(is) in Allah's Hand
ٱللَّهِ
अल्लाह के हाथ में है
He gives it
يُؤْتِيهِ
वो देता है उसे
whom
مَن
जिसे
He wills
يَشَآءُۚ
वो चाहता है
And Allah
وَٱللَّهُ
और अल्लाह
(is) the Possessor of Bounty
ذُو
फ़ज़ल वाला है
(is) the Possessor of Bounty
ٱلْفَضْلِ
फ़ज़ल वाला है
the Great
ٱلْعَظِيمِ
बहुत बड़े

Lialla ya'lama ahlu alkitabi alla yaqdiroona 'ala shayin min fadli Allahi waanna alfadla biyadi Allahi yuteehi man yashao waAllahu thoo alfadli al'atheemi

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

ताकि किताबवाले यह न समझें कि अल्लाह के अनुग्रह में से वे किसी चीज़ पर अधिकार न प्राप्त कर सकेंगे और यह कि अनुग्रह अल्लाह के हाथ में है, जिसे चाहता है प्रदान करता है। अल्लाह बड़े अनुग्रह का मालिक है

English Sahih:

[This is] so that the People of the Scripture may know that they are not able [to obtain] anything from the bounty of Allah and that [all] bounty is in the hand of Allah; He gives it to whom He wills. And Allah is the possessor of great bounty.

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

(ये इसलिए कहा जाता है) ताकि अहले किताब ये न समझें कि ये मोमिनीन ख़ुदा के फज़ल (व क़रम) पर कुछ भी कुदरत नहीं रखते और ये तो यक़ीनी बात है कि फज़ल ख़ुदा ही के कब्ज़े में है वह जिसको चाहे अता फरमाए और ख़ुदा तो बड़े फज़ल (व क़रम) का मालिक है

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

ताकि ज्ञान हो जाये इन बातों से अह्ले[1] किताब को कि वह कुछ शक्ति नहीं रखते अल्लाह के अनुग्रह पर और ये कि अनुग्रह अल्लाह ही के हाथ में है। वह प्रदान करता है, जिसे चाहे और अल्लाह बड़े अनुग्रह वाला है।