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وَاَقْسَمُوْا بِاللّٰهِ جَهْدَ اَيْمَانِهِمْ لَىِٕنْ جَاۤءَتْهُمْ اٰيَةٌ لَّيُؤْمِنُنَّ بِهَاۗ قُلْ اِنَّمَا الْاٰيٰتُ عِنْدَ اللّٰهِ وَمَا يُشْعِرُكُمْ اَنَّهَآ اِذَا جَاۤءَتْ لَا يُؤْمِنُوْنَ   ( الأنعام: ١٠٩ )

And they swear
وَأَقْسَمُوا۟
और उन्होंने क़समें खाईं
by Allah
بِٱللَّهِ
अल्लाह की
strongest
جَهْدَ
पक्की
(of) their oaths
أَيْمَٰنِهِمْ
क़समें अपनी
that if
لَئِن
अलबत्ता अगर
came to them
جَآءَتْهُمْ
आई उनके पास
a sign
ءَايَةٌ
कोई निशानी
they would surely believe
لَّيُؤْمِنُنَّ
अलबत्ता वो ज़रूर ईमान लाऐंगे
in it
بِهَاۚ
उस पर
Say
قُلْ
कह दीजिए
"Only
إِنَّمَا
बेशक
the signs
ٱلْءَايَٰتُ
निशानियाँ
(are) with
عِندَ
पास हैं अल्लाह के
Allah"
ٱللَّهِۖ
पास हैं अल्लाह के
And what
وَمَا
और क्या चीज़
will make you perceive
يُشْعِرُكُمْ
आगाह करे तुम्हें
that [it]
أَنَّهَآ
कि बेशक वो
when
إِذَا
जब
it comes
جَآءَتْ
वो आ जाऐंगी
not
لَا
नहीं वो ईमान लाऐंगे
they will believe
يُؤْمِنُونَ
नहीं वो ईमान लाऐंगे

Waaqsamoo biAllahi jahda aymanihim lain jaathum ayatun layuminunna biha qul innama alayatu 'inda Allahi wama yush'irukum annaha itha jaat la yuminoona (al-ʾAnʿām 6:109)

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

वे लोग तो अल्लाह की कड़ी-कड़ी क़समें खाते है कि यदि उनके पास कोई निशानी आ जाए, तो उसपर वे अवश्य ईमान लाएँगे। कह दो, 'निशानियाँ तो अल्लाह ही के पास है।' और तुम्हें क्या पता कि जब वे आ जाएँगी तो भी वे ईमान नहीं लाएँगे

English Sahih:

And they swear by Allah their strongest oaths that if a sign came to them, they would surely believe in it. Say, "The signs are only with [i.e., from] Allah." And what will make you perceive that even if it [i.e., a sign] came, they would not believe. ([6] Al-An'am : 109)

1 Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

और उन लोगों ने ख़ुदा की सख्त सख्त क़समें खायीं कि अगर उनके पास कोई मौजिजा आए तो वह ज़रूर उस पर ईमान लाएँगे (ऐ रसूल) तुम कहो कि मौजिज़े तो बस ख़ुदा ही के पास हैं और तुम्हें क्या मालूम ये यक़ीनी बात है कि जब मौजिज़ा भी आएगा तो भी ये ईमान न लाएँगे