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अल-अनाम आयत ६१ | Al-Anam 6:61

And He
وَهُوَ
और वो
(is) the Subjugator
ٱلْقَاهِرُ
ग़ालिब है
over
فَوْقَ
ऊपर
His slaves
عِبَادِهِۦۖ
अपने बन्दों के
and He sends
وَيُرْسِلُ
और वो भेजता है
over you
عَلَيْكُمْ
तुम पर
guardians
حَفَظَةً
निगेहबान
until
حَتَّىٰٓ
यहाँ तक कि
when
إِذَا
जब
comes
جَآءَ
आती है
(to) anyone of you
أَحَدَكُمُ
तुम में से किसी एक को
the death
ٱلْمَوْتُ
मौत
take him
تَوَفَّتْهُ
फ़ौत करते हैं उसे
Our messengers
رُسُلُنَا
हमारे भेजे हुए
and they
وَهُمْ
और वो
(do) not
لَا
नहीं वो कमी-कोताही करते
fail
يُفَرِّطُونَ
नहीं वो कमी-कोताही करते

Wahuwa alqahiru fawqa 'ibadihi wayursilu 'alaykum hafathatan hatta itha jaa ahadakumu almawtu tawaffathu rusuluna wahum la yufarritoona

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

और वही अपने बन्दों पर पूरा-पूरा क़ाबू रखनेवाला है और वह तुमपर निगरानी करनेवाले को नियुक्त करके भेजता है, यहाँ तक कि जब तुममें से किसी की मृत्यु आ जाती है, जो हमारे भेजे हुए कार्यकर्त्ता उसे अपने क़ब्ज़े में कर लेते है और वे कोई कोताही नहीं करते

English Sahih:

And He is the subjugator over His servants, and He sends over you guardian-angels until, when death comes to one of you, Our messengers [i.e., angels of death] take him, and they do not fail [in their duties].

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

वह अपने बन्दों पर ग़ालिब है वह तुम लोगों पर निगेहबान (फ़रिश्ततें तैनात करके) भेजता है-यहाँ तक कि जब तुम में से किसी की मौत आए तो हमारे भेजे हुये फ़रिश्ते उसको (दुनिया से) उठा लेते हैं और वह (हमारे तामीले हुक्म में ज़रा भी) कोताही नहीं करते

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

तथा वही है, जो अपने सेवकों पर पूरा अधिकार रखता है और तुमपर रक्षकों[1] को भेजता है। यहाँ तक कि जब तुममें से किसी के मरण का समय आ जाता है, तो हमारे फ़रिश्ते उसका प्राण ग्रहण कर लेते हैं और वह तनिक भी आलस्य नहीं करते।