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ثُمَّ لَاٰتِيَنَّهُمْ مِّنْۢ بَيْنِ اَيْدِيْهِمْ وَمِنْ خَلْفِهِمْ وَعَنْ اَيْمَانِهِمْ وَعَنْ شَمَاۤىِٕلِهِمْۗ وَلَا تَجِدُ اَكْثَرَهُمْ شٰكِرِيْنَ  ( الأعراف: ١٧ )

Then
ثُمَّ
फिर
surely, I will come to them
لَءَاتِيَنَّهُم
अलबत्ता मैं ज़रूर आऊँगा उनके पास
from
مِّنۢ
उनके सामने से
before
بَيْنِ
उनके सामने से
them
أَيْدِيهِمْ
उनके सामने से
and from
وَمِنْ
और उनके पीछे से
behind them
خَلْفِهِمْ
और उनके पीछे से
and from
وَعَنْ
और उनके दाऐं से
their right
أَيْمَٰنِهِمْ
और उनके दाऐं से
and from
وَعَن
और उनके बाऐं से
their left
شَمَآئِلِهِمْۖ
और उनके बाऐं से
and not
وَلَا
और ना
You (will) find
تَجِدُ
तू पाएगा
most of them
أَكْثَرَهُمْ
उनकी अक्सरियत को
grateful"
شَٰكِرِينَ
शुक्र गुज़ार

Thumma laatiyannahum min bayni aydeehim wamin khalfihim wa'an aymanihim wa'an shamailihim wala tajidu aktharahum shakireena (al-ʾAʿrāf 7:17)

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

'फिर उनके आगे और उनके पीछे और उनके दाएँ और उनके बाएँ से उनके पास आऊँगा। और तू उनमें अधिकतर को कृतज्ञ न पाएगा।'

English Sahih:

Then I will come to them from before them and from behind them and on their right and on their left, and You will not find most of them grateful [to You]." ([7] Al-A'raf : 17)

1 Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

फिर उन लोगों से और उनके पीछे से और उनके दाहिने से और उनके बाएं से (गरज़ हर तरफ से) उन पर आ पडूंगा और (उनको बहकाउंगा) और तू उन में से बहुतरों की शुक्रग़ुज़ार नहीं पायेगा