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bismillah
الٓمٓصٓ
अलिफ़ लाम मीम सोआद

Aliflammeemsad

अलिफ़॰ लाम॰ मीम॰ साद॰

Tafseer (तफ़सीर )
كِتَٰبٌ
ये किताब
أُنزِلَ
नाज़िल की गई है
إِلَيْكَ
तरफ़ आपके
فَلَا
पस ना
يَكُن
हो
فِى
आपके सीने में
صَدْرِكَ
आपके सीने में
حَرَجٌ
कोई तंगी
مِّنْهُ
इससे
لِتُنذِرَ
ताकि आप डराऐं
بِهِۦ
साथ इसके
وَذِكْرَىٰ
और नसीहत है
لِلْمُؤْمِنِينَ
ईमान लाने वालों के लिए

Kitabun onzila ilayka fala yakun fee sadrika harajun minhu litunthira bihi wathikra lilmumineena

यह एक किताब है, जो तुम्हारी ओर उतारी गई है - अतः इससे तुम्हारे सीने में कोई तंगी न हो - ताकि तुम इसके द्वारा सचेत करो और यह ईमानवालों के लिए एक प्रबोधन है;

Tafseer (तफ़सीर )
ٱتَّبِعُوا۟
पैरवी करो
مَآ
उसकी जो
أُنزِلَ
नाज़िल किया गया
إِلَيْكُم
तरफ़ तुम्हारे
مِّن
तुम्हारे रब की तरफ़ से
رَّبِّكُمْ
तुम्हारे रब की तरफ़ से
وَلَا
और ना
تَتَّبِعُوا۟
तुम पैरवी करो
مِن
इसके सिवा
دُونِهِۦٓ
इसके सिवा
أَوْلِيَآءَۗ
सरपरस्तों की (और)
قَلِيلًا
कितना कम
مَّا
कितना कम
تَذَكَّرُونَ
तुम नसीहत पकड़ते हो

Ittabi'oo ma onzila ilaykum min rabbikum wala tattabi'oo min doonihi awliyaa qaleelan ma tathakkaroona

जो कुछ तुम्हारे रब की ओर से तुम्हारी ओर अवतरित हुआ है, उस पर चलो और उसे छोड़कर दूसरे संरक्षक मित्रों का अनुसरण न करो। तुम लोग नसीहत थोड़े ही मानते हो

Tafseer (तफ़सीर )
وَكَم
और कितनी ही
مِّن
बस्तियाँ
قَرْيَةٍ
बस्तियाँ
أَهْلَكْنَٰهَا
हलाक कर दिया हमने उन्हें
فَجَآءَهَا
पस आया उनके पास
بَأْسُنَا
अज़ाब हमारा
بَيَٰتًا
रात के वक़्त
أَوْ
या
هُمْ
वो
قَآئِلُونَ
क़ैलूला कर रहे थे

Wakam min qaryatin ahlaknaha fajaaha basuna bayatan aw hum qailoona

कितनी ही बस्तियाँ थीं, जिन्हें हमने विनष्टम कर दिया। उनपर हमारी यातना रात को सोते समय आ पहुँची या (दिन-दहाड़) आई, जबकि वे दोपहर में विश्राम कर रहे थे

Tafseer (तफ़सीर )
فَمَا
तो ना
كَانَ
थी
دَعْوَىٰهُمْ
पुकार उनकी
إِذْ
जब
جَآءَهُم
आया उनके पास
بَأْسُنَآ
अज़ाब हमारा
إِلَّآ
मगर
أَن
ये कि
قَالُوٓا۟
उन्होंने कहा
إِنَّا
बेशक हम
كُنَّا
थे हम ही
ظَٰلِمِينَ
ज़ालिम

Fama kana da'wahum ith jaahum basuna illa an qaloo inna kunna thalimeena

जब उनपर यातना आ गई तो इसके सिवा उनके मुँह से कुछ न निकला कि वे पुकार उठे, 'वास्तव में हम अत्याचारी थे।'

Tafseer (तफ़सीर )
فَلَنَسْـَٔلَنَّ
पस अलबत्ता हम ज़रूर सवाल करेंगे
ٱلَّذِينَ
उन लोगों से
أُرْسِلَ
भेजे गए (रसूल)
إِلَيْهِمْ
तरफ़ जिनके
وَلَنَسْـَٔلَنَّ
और अलबत्ता हम ज़रूर सवाल करेंगे
ٱلْمُرْسَلِينَ
रसूलों से

Falanasalanna allatheena orsila ilayhim walanasalanna almursaleena

अतः हम उन लोगों से अवश्य पूछेंगे, जिनके पास रसूल भेजे गए थे, और हम रसूलों से भी अवश्य पूछेंगे

Tafseer (तफ़सीर )
فَلَنَقُصَّنَّ
पस अलबत्ता हम ज़रूर बयान करेंगे
عَلَيْهِم
उन पर
بِعِلْمٍۖ
साथ इल्म के
وَمَا
और नहीं
كُنَّا
थे हम
غَآئِبِينَ
ग़ायब

Falanaqussanna 'alayhim bi'ilmin wama kunna ghaibeena

फिर हम पूरे ज्ञान के साथ उनके सामने सब बयान कर देंगे। हम कही ग़ायब नहीं थे

Tafseer (तफ़सीर )
وَٱلْوَزْنُ
और वज़न
يَوْمَئِذٍ
उस दिन
ٱلْحَقُّۚ
हक़ होगा
فَمَن
तो जो कोई
ثَقُلَتْ
भारी हुए
مَوَٰزِينُهُۥ
मीज़ान/तराज़ू उसके
فَأُو۟لَٰٓئِكَ
तो यही लोग हैं
هُمُ
वो
ٱلْمُفْلِحُونَ
जो फ़लाह पाने वाले हैं

Waalwaznu yawmaithini alhaqqu faman thaqulat mawazeenuhu faolaika humu almuflihoona

और बिल्कुल पक्का-सच्चा वज़न उसी दिन होगा। अतः जिनके कर्म वज़न में भारी होंगे, वही सफलता प्राप्त करेंगे

Tafseer (तफ़सीर )
وَمَنْ
और जो कोई
خَفَّتْ
हल्के हुए
مَوَٰزِينُهُۥ
मीज़ान/तराज़ू उसके
فَأُو۟لَٰٓئِكَ
तो यही लोग हैं
ٱلَّذِينَ
वो जिन्होंने
خَسِرُوٓا۟
ख़सारे में डाला
أَنفُسَهُم
अपने नफ़्सों को
بِمَا
बवजह उसके जो
كَانُوا۟
थे वो
بِـَٔايَٰتِنَا
साथ हमारी आयात के
يَظْلِمُونَ
वो ज़ुल्म करते

Waman khaffat mawazeenuhu faolaika allatheena khasiroo anfusahum bima kanoo biayatina yathlimoona

और वे लोग जिनके कर्म वज़न में हलके होंगे, तो वही वे लोग हैं, जिन्होंने अपने आपको घाटे में डाला, क्योंकि वे हमारी आयतों का इनकार औऱ अपने ऊपर अत्याचार करते रहे

Tafseer (तफ़सीर )
وَلَقَدْ
और अलबत्ता तहक़ीक़
مَكَّنَّٰكُمْ
ठिकाना दिया हमने तुम्हें
فِى
ज़मीन में
ٱلْأَرْضِ
ज़मीन में
وَجَعَلْنَا
और बनाए हमने
لَكُمْ
तुम्हारे लिए
فِيهَا
उसमें
مَعَٰيِشَۗ
ज़िन्दगी के सामान
قَلِيلًا
कितना कम
مَّا
कितना कम
تَشْكُرُونَ
तुम शुक्र करते हो

Walaqad makkannakum fee alardi waja'alna lakum feeha ma'ayisha qaleelan ma tashkuroona

और हमने धरती में तुम्हें अधिकार दिया और उसमें तुम्हारे लिए जीवन-सामग्री रखी। तुम कृतज्ञता थोड़े ही दिखाते हो

Tafseer (तफ़सीर )
कुरान की जानकारी :
अल-आराफ़
القرآن الكريم:الأعراف
आयत सजदा (سجدة):206
सूरा (latin):Al-A'raf
सूरा:7
कुल आयत:206
कुल शब्द:3325
कुल वर्ण:14010
रुकु:24
वर्गीकरण:मक्कन सूरा
Revelation Order:39
से शुरू आयत:954