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يَغْفِرْ لَكُمْ مِّنْ ذُنُوْبِكُمْ وَيُؤَخِّرْكُمْ اِلٰٓى اَجَلٍ مُّسَمًّىۗ اِنَّ اَجَلَ اللّٰهِ اِذَا جَاۤءَ لَا يُؤَخَّرُۘ لَوْ كُنْتُمْ تَعْلَمُوْنَ   ( نوح: ٤ )

He will forgive
يَغْفِرْ
वो बख़्श देगा
for you
لَكُم
तुम्हारे लिए
[of]
مِّن
तुम्हारे गुनाहों को
your sins
ذُنُوبِكُمْ
तुम्हारे गुनाहों को
and give you respite
وَيُؤَخِّرْكُمْ
और वो मोहलत देगा तुम्हें
for
إِلَىٰٓ
एक वक़्त तक
a term
أَجَلٍ
एक वक़्त तक
specified
مُّسَمًّىۚ
जो मुक़र्रर है
Indeed
إِنَّ
बेशक
(the) term
أَجَلَ
मुक़र्रर करदा वक़्त
(of) Allah
ٱللَّهِ
अल्लाह का
when
إِذَا
जब
it comes
جَآءَ
वो आ जाता है
not
لَا
तो नहीं मुअख़्ख़र किया जाता
is delayed
يُؤَخَّرُۖ
तो नहीं मुअख़्ख़र किया जाता
if
لَوْ
अगर
you
كُنتُمْ
हो तुम
know"
تَعْلَمُونَ
तुम जानते

Yaghfir lakum min thunoobikum wayuakhkhirkum ila ajalin musamman inna ajala Allahi itha jaa la yuakhkharu law kuntum ta'lamoona (Nūḥ 71:4)

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

'वह तुम्हें क्षमा करके तुम्हारे गुनाहों से तुम्हें पाक कर देगा और एक निश्चित समय तक तुम्हे मुहल्लत देगा। निश्चय ही जब अल्लाह का निश्चित समय आ जाता है तो वह टलता नहीं, काश कि तुम जानते!'

English Sahih:

He [i.e., Allah] will forgive you of your sins and delay you for a specified term. Indeed, the time [set by] Allah, when it comes, will not be delayed, if you only knew." ([71] Nuh : 4)

1 Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

ख़ुदा तुम्हारे गुनाह बख्श देगा और तुम्हें (मौत के) मुक़र्रर वक्त तक बाक़ी रखेगा, बेशक जब ख़ुदा का मुक़र्रर किया हुआ वक्त अा जाता है तो पीछे हटाया नहीं जा सकता अगर तुम समझते होते