Skip to main content

अत-तौबा आयत २६ | At-Taubah 9:26

Then
ثُمَّ
फिर
Allah sent down
أَنزَلَ
उतारी
Allah sent down
ٱللَّهُ
अल्लाह ने
His tranquility
سَكِينَتَهُۥ
सकीनत अपनी
on
عَلَىٰ
अपने रसूल पर
His Messenger
رَسُولِهِۦ
अपने रसूल पर
and on
وَعَلَى
और मोमिनों पर
the believers
ٱلْمُؤْمِنِينَ
और मोमिनों पर
and sent down
وَأَنزَلَ
और उसने उतारे
forces
جُنُودًا
ऐसे लश्कर
which you did not see
لَّمْ
नहीं
which you did not see
تَرَوْهَا
नहीं देखा तुमने उन्हें
and He punished
وَعَذَّبَ
और उसने अज़ाब दिया
those who
ٱلَّذِينَ
उनको जिन्होंने
disbelieved
كَفَرُوا۟ۚ
कुफ़्र किया
And that
وَذَٰلِكَ
और यही है
(is) the recompense
جَزَآءُ
बदला
(of) the disbelievers
ٱلْكَٰفِرِينَ
काफ़िरों का

Thumma anzala Allahu sakeenatahu 'ala rasoolihi wa'ala almumineena waanzala junoodan lam tarawha wa'aththaba allatheena kafaroo wathalika jazao alkafireena

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

अन्ततः अल्लाह ने अपने रसूल पर और मोमिनों पर अपनी सकीनत (प्रशान्ति) उतारी और ऐसी सेनाएँ उतारी जिनको तुमने नहीं देखा। और इनकार करनेवालों को यातना दी, और यही इनकार करनेवालों का बदला है

English Sahih:

Then Allah sent down His tranquility upon His Messenger and upon the believers and sent down soldiers [i.e., angels] whom you did not see and punished those who disbelieved. And that is the recompense of the disbelievers.

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

तब ख़ुदा ने अपने रसूल पर और मोमिनीन पर अपनी (तरफ से) तसकीन नाज़िल फरमाई और (रसूल की ख़ातिर से) फ़रिश्तों के लश्कर भेजे जिन्हें तुम देखते भी नहीं थे और कुफ्फ़ार पर अज़ाब नाज़िल फरमाया और काफिरों की यही सज़ा है

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

फिर अल्लाह ने अपने रसूल और ईमान वालों पर शान्ति उतारी तथा ऐसी सेनायें उतारीं, जिन्हें तुमने नहीं देखा[1] और काफ़िरों को यातना दी और यही काफ़िरों का प्रतिकार (बदला) है।