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अत-तौबा आयत २७ | At-Taubah 9:27

Then
ثُمَّ
फिर
Allah accepts repentance
يَتُوبُ
मेहरबान होगा
Allah accepts repentance
ٱللَّهُ
अल्लाह
after
مِنۢ
बाद
after
بَعْدِ
बाद
that
ذَٰلِكَ
इसके
for
عَلَىٰ
जिस पर
whom
مَن
जिस पर
He wills
يَشَآءُۗ
वो चाहेगा
And Allah
وَٱللَّهُ
और अल्लाह
(is) Oft-Forgiving
غَفُورٌ
बहुत बख़्शने वाला है
Most Merciful
رَّحِيمٌ
निहायत रहम करने वाला है

Thumma yatoobu Allahu min ba'di thalika 'ala man yashao waAllahu ghafoorun raheemun

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

फिर इसके बाद अल्लाह जिसको चाहता है उसे तौबा नसीब करता है। अल्लाह बड़ा क्षमाशील, दयावान है

English Sahih:

Then Allah will accept repentance after that for whom He wills; and Allah is Forgiving and Merciful.

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

उसके बाद ख़ुदा जिसकी चाहे तौबा क़ुबूल करे और ख़ुदा बड़ा बख़्शने वाला मेहरबान है

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

फिर अल्लाह इसके पश्चात् जिसे चाहे, क्षमा कर दे[1] और अल्लाह अति क्षमाशील, दयावान है।