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اَلَآ اِنَّ لِلّٰهِ مَا فِى السَّمٰوٰتِ وَالْاَرْضِۗ اَلَآ اِنَّ وَعْدَ اللّٰهِ حَقٌّ وَّلٰكِنَّ اَكْثَرَهُمْ لَا يَعْلَمُوْنَ  ( يونس: ٥٥ )

No doubt
أَلَآ
ख़बरदार
indeed
إِنَّ
बेशक
for Allah
لِلَّهِ
अल्लाह ही के लिए है
(is) whatever
مَا
जो कुछ
(is) in
فِى
आसमानों में
the heavens
ٱلسَّمَٰوَٰتِ
आसमानों में
and the earth
وَٱلْأَرْضِۗ
और ज़मीन में है
No doubt
أَلَآ
ख़बरदार
indeed
إِنَّ
बेशक
(the) Promise of Allah
وَعْدَ
वादा
(the) Promise of Allah
ٱللَّهِ
अल्लाह का
(is) true
حَقٌّ
सच्चा है
But
وَلَٰكِنَّ
और लेकिन
most of them
أَكْثَرَهُمْ
अक्सर उनके
(do) not
لَا
नहीं वो इल्म रखते
know
يَعْلَمُونَ
नहीं वो इल्म रखते

Ala inna lillahi ma fee alssamawati waalardi ala inna wa'da Allahi haqqun walakinna aktharahum la ya'lamoona (al-Yūnus 10:55)

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

सुन लो, जो कुछ आकाशों और धरती में है, अल्लाह ही का है। जान लो, निस्संदेह अल्लाह का वादा सच्चा है, किन्तु उनमें अधिकतर लोग जानते नहीं

English Sahih:

Unquestionably, to Allah belongs whatever is in the heavens and the earth. Unquestionably, the promise of Allah is truth, but most of them do not know. ([10] Yunus : 55)

1 Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

आगाह रहो कि जो कुछ आसमानों में और ज़मीन में है (ग़रज़ सब कुछ) ख़ुदा ही का है आग़ाह राहे कि ख़ुदा का वायदा यक़ीनी ठीक है मगर उनमें के अक्सर नहीं जानते हैं