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युसूफ आयत ४६ | Yusuf 12:46

Yusuf
يُوسُفُ
यूसुफ़
O
أَيُّهَا
ऐ बहुत सच्चे
the truthful one!
ٱلصِّدِّيقُ
ऐ बहुत सच्चे
Explain to us
أَفْتِنَا
बताओ हमें
about
فِى
सात गायों के बारे में
(the) seven
سَبْعِ
सात गायों के बारे में
cows
بَقَرَٰتٍ
सात गायों के बारे में
fat
سِمَانٍ
मोटी
eating them
يَأْكُلُهُنَّ
खा रही हैं उन्हें
seven
سَبْعٌ
सात
lean ones
عِجَافٌ
दुबली
and seven
وَسَبْعِ
और सात
ears (of corn)
سُنۢبُلَٰتٍ
बालियाँ
green
خُضْرٍ
सरसब्ज़
and other
وَأُخَرَ
और दूसरी
dry
يَابِسَٰتٍ
ख़ुश्क
that I may
لَّعَلِّىٓ
ताकि मैं
return
أَرْجِعُ
मैं लौटूँ
to
إِلَى
तरफ़ लोगों के
the people
ٱلنَّاسِ
तरफ़ लोगों के
so that they may
لَعَلَّهُمْ
शायद कि वो
know"
يَعْلَمُونَ
वो जान लें

Yoosufu ayyuha alssiddeequ aftina fee sab'i baqaratin simanin yakuluhunna sab'un 'ijafun wasab'i sunbulatin khudrin waokhara yabisatin la'allee arji'u ila alnnasi la'allahum ya'lamoona

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

'यूसुफ़, ऐ सत्यवान! हमें इसका अर्थ बता कि सात मोटी गायें है, जिन्हें सात दुबली गायें खा रही है और सात हरी बालें है और दूसरी (सात) सूखी, ताकि मैं लोगों के पास लौटकर जाऊँ कि वे जान लें।'

English Sahih:

[He said], "Joseph, O man of truth, explain to us about seven fat cows eaten by seven [that were] lean, and seven green spikes [of grain] and others [that were] dry – that I may return to the people [i.e., the king and his court]; perhaps they will know [about you]."

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

(ग़रज़ वह गया और यूसुफ से कहने लगा) ऐ यूसुफ ऐ बड़े सच्चे (यूसुफ) ज़रा हमें ये तो बताइए कि सात मोटी ताज़ी गायों को सात पतली गाय खाए जाती है और सात बालियॉ हैं हरी कचवा और फिर (सात) सूखी मुरझाई (इसकी ताबीर क्या है) तो मैं लोगों के पास पलट कर जाऊँ (और बयान करुँ)

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

हे यूसुफ़! हे सत्यवादी! हमें सात मोटी गायों के बारे में बताओ, जिन्हें सात दुबली गायें खा रही हैं और सात हरी बालियाँ हैं और सात सूखी, ताकि लोगों के पास वापस जाऊँ और ताकि वे जान[1] लें।