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युसूफ आयत ५४ | Yusuf 12:54

And said
وَقَالَ
और कहा
the king
ٱلْمَلِكُ
बादशाह ने
"Bring him to me
ٱئْتُونِى
लाओ मेरे पास
"Bring him to me
بِهِۦٓ
उसे
I will select him
أَسْتَخْلِصْهُ
मैं उसे ख़ास कर लूँ
for myself"
لِنَفْسِىۖ
अपनी ज़ात के लिए
Then when
فَلَمَّا
फिर जब
he spoke to him
كَلَّمَهُۥ
उसने बात-चीत की उससे
he said
قَالَ
कहा
"Indeed, you
إِنَّكَ
बेशक तू
(are) today
ٱلْيَوْمَ
आज से
with us
لَدَيْنَا
हमारे यहाँ
firmly established
مَكِينٌ
मर्तबे वाला
(and) trusted"
أَمِينٌ
अमानतदार है

Waqala almaliku itoonee bihi astakhlishu linafsee falamma kallamahu qala innaka alyawma ladayna makeenun ameenun

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

सम्राट ने कहा, 'उसे मेरे पास ले आओ! मैं उसे अपने लिए ख़ास कर लूँगा।' जब उसने उससे बात-चीक करी तो उसने कहा, 'निस्संदेह आज तुम हमारे यहाँ विश्व सनीय अधिकार प्राप्त व्यक्ति हो।'

English Sahih:

And the king said, "Bring him to me; I will appoint him exclusively for myself." And when he spoke to him, he said, "Indeed, you are today established [in position] and trusted."

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

इसमें शक़ नहीं कि मेरा परवरदिगार बड़ा बख्शने वाला मेहरबान है और बादशाह ने हुक्म दिया कि यूसुफ को मेरे पास ले आओ तो मैं उनको अपने ज़ाती काम के लिए ख़ास कर लूंगा फिर उसने यूसुफ से बातें की तो यूसुफ की आला क़ाबलियत साबित हुई (और) उसने हुक्म दिया कि तुम आज (से) हमारे सरकार में यक़ीन बावक़ार (और) मुअतबर हो

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

राजा ने कहाः उसे मेरे पास लाओ, उसे मैं अपने लिए विशेष कर लूँ और जब (राजा ने) उस (यूसुफ़) से बात की, तो कहाः वस्तुतः तू आज हमारे पास आदर्णीय भरोसा, करने योग्य है।