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قَالَ هَلْ اٰمَنُكُمْ عَلَيْهِ اِلَّا كَمَآ اَمِنْتُكُمْ عَلٰٓى اَخِيْهِ مِنْ قَبْلُۗ فَاللّٰهُ خَيْرٌ حٰفِظًا وَّهُوَ اَرْحَمُ الرّٰحِمِيْنَ  ( يوسف: ٦٤ )

He said
قَالَ
कहा
"Should
هَلْ
नहीं
I entrust you
ءَامَنُكُمْ
मैं ऐतबार कर सकता तुम पर
with him
عَلَيْهِ
इसके मामले में
except
إِلَّا
मगर
as
كَمَآ
जैसा कि
I entrusted you
أَمِنتُكُمْ
ऐतबार किया था मैंने तुम पर
with
عَلَىٰٓ
उसके भाई के मामले में
his brother
أَخِيهِ
उसके भाई के मामले में
before?
مِن
इससे क़ब्ल
before?
قَبْلُۖ
इससे क़ब्ल
But Allah
فَٱللَّهُ
पस अल्लाह
(is) the best
خَيْرٌ
बेहतरीन
Guardian
حَٰفِظًاۖ
हिफ़ाज़त करने वाला है
and He
وَهُوَ
और वो ही
(is the) Most Merciful
أَرْحَمُ
सबसे ज़्यादा रहम करने वाला है
(of) the merciful"
ٱلرَّٰحِمِينَ
रहम करने वालों से

Qala hal amanukum 'alayhi illa kama amintukum 'ala akheehi min qablu faAllahu khayrun hafithan wahuwa arhamu alrrahimeena (Yūsuf 12:64)

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

उसने कहा, 'क्या मैं उसके मामले में तुमपर वैसा ही भरोसा करूँ जैसा इससे पहले उसके भाई के मामले में तुमपर भरोसा कर चुका हूँ? हाँ, अल्लाह ही सबसे अच्छ रक्षक है और वह सबसे बढ़कर दयावान है।'

English Sahih:

He said, "Should I entrust you with him except [under coercion] as I entrusted you with his brother before? But Allah is the best guardian, and He is the most merciful of the merciful." ([12] Yusuf : 64)

1 Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

ताकि हम (फिर) गल्ला लाए और हम उसकी पूरी हिफाज़त करेगें याक़ूब ने कहा मै उसके बारे में तुम्हारा ऐतबार नहीं करता मगर वैसा ही जैसा कि उससे पहले उसके मांजाए (भाई) के बारे में किया था तो ख़ुद उसका सबसे बेहतर हिफाज़त करने वाला है और वही सब से ज्यादा रहम करने वाला है