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अन नहल आयत ७७ | An-Nahl 16:77

And to Allah (belongs)
وَلِلَّهِ
और अल्लाह ही के लिए है
(the) unseen
غَيْبُ
ग़ैब
(of) the heavens
ٱلسَّمَٰوَٰتِ
आसमानों
and the earth
وَٱلْأَرْضِۚ
और ज़मीन का
And not
وَمَآ
और नहीं
(is the) matter
أَمْرُ
मामला
(of) the Hour
ٱلسَّاعَةِ
क़यामत का
but
إِلَّا
मगर
as a twinkling
كَلَمْحِ
जैसे झपकना
(of) the eye
ٱلْبَصَرِ
आँख का
or
أَوْ
या
it
هُوَ
है वो
(is) nearer
أَقْرَبُۚ
उस से भी ज़्यादा क़रीब
Indeed
إِنَّ
बेशक
Allah
ٱللَّهَ
अल्लाह
on
عَلَىٰ
ऊपर
every
كُلِّ
हर
thing
شَىْءٍ
चीज़ के
(is) All-Powerful
قَدِيرٌ
ख़ूब क़ुदरत रखने वाला है

Walillahi ghaybu alssamawati waalardi wama amru alssa'ati illa kalamhi albasari aw huwa aqrabu inna Allaha 'ala kulli shayin qadeerun

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

आकाशों और धरती के रहस्यों का सम्बन्ध अल्लाह ही से है। और उस क़ियामत की घड़ी का मामला तो बस ऐसा है जैसे आँखों का झपकना या वह इससे भी अधिक निकट है। निश्चय ही अल्लाह को हर चीज़ की सामर्थ्य प्राप्ती है

English Sahih:

And to Allah belongs the unseen [aspects] of the heavens and the earth. And the command for the Hour is not but as a glance of the eye or even nearer. Indeed, Allah is over all things competent.

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

और सारे आसमान व ज़मीन की ग़ैब की बातें ख़ुदा ही के लिए मख़सूस हैं और ख़ुदा क़यामत का वाकेए होना तो ऐसा है जैसे पलक का झपकना बल्कि इससे भी जल्दी बेशक ख़ुदा हर चीज़ पर क़ुदरत कामेला रखता है

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

और अल्लाह ही को आकाशों तथा धरती के परोक्ष[1] का ज्ञान है और प्रलय (क़्यामत) का विषय तो बस पलक झपकने जैसा[2] होगा अथवा उससे भी अधिक शीघ्र। वास्तव में, अल्लाह जो चाहे, कर सकता है।