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فَالَّذِيْنَ اٰمَنُوْا وَعَمِلُوا الصّٰلِحٰتِ لَهُمْ مَّغْفِرَةٌ وَّرِزْقٌ كَرِيْمٌ   ( الحج: ٥٠ )

So those who
فَٱلَّذِينَ
तो वो जो
believe
ءَامَنُوا۟
ईमान लाए
and do
وَعَمِلُوا۟
और उन्होंने अमल किए
righteous deeds -
ٱلصَّٰلِحَٰتِ
नेक
for them
لَهُم
उनके लिए
(is) forgiveness
مَّغْفِرَةٌ
बख़्शिश
and a provision
وَرِزْقٌ
और रिज़्क़ है
noble
كَرِيمٌ
इज़्ज़त वाला

Faallatheena amanoo wa'amiloo alssalihati lahum maghfiratun warizqun kareemun (al-Ḥajj 22:50)

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

फिर जो लोग ईमान लाए और उन्होंने अच्छे कर्म किए उनके लिए क्षमादान और सम्मानपूर्वक आजीविका है

English Sahih:

And those who have believed and done righteous deeds – for them is forgiveness and noble provision. ([22] Al-Hajj : 50)

1 Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

पस जिन लोगों ने ईमान कुबूल किया और अच्छे-अच्छे काम किए (आख़िरत में) उनके लिए बख्शिश है और बेहिश्त की बहुत उम्दा रोज़ी