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अल-फुरकान आयत ७० | Al-Furqan 25:70

Except
إِلَّا
मगर
(he) who
مَن
जिसने
repents
تَابَ
तौबा की
and believes
وَءَامَنَ
और वो ईमान लाया
and does
وَعَمِلَ
और उसने अमल करे
righteous deeds
عَمَلًا
अमल
righteous deeds
صَٰلِحًا
नेक
then (for) those
فَأُو۟لَٰٓئِكَ
तो यही लोग हैं
Allah will replace
يُبَدِّلُ
बदल देगा
Allah will replace
ٱللَّهُ
अल्लाह
their evil deeds
سَيِّـَٔاتِهِمْ
उनकी बुराइयों को
(with) good ones
حَسَنَٰتٍۗ
भलाइयों से
And is
وَكَانَ
और है
Allah
ٱللَّهُ
अल्लाह
Oft-Forgiving
غَفُورًا
बहुत बख़शने वाला
Most Merciful
رَّحِيمًا
बहुत रहम करने वाला

Illa man taba waamana wa'amila 'amalan salihan faolaika yubaddilu Allahu sayyiatihim hasanatin wakana Allahu ghafooran raheeman

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

सिवाय उसके जो पलट आया और ईमान लाया और अच्छा कर्म किया, तो ऐसे लोगों की बुराइयों को अल्लाह भलाइयों से बदल देगा। और अल्लाह है भी अत्यन्त क्षमाशील, दयावान

English Sahih:

Except for those who repent, believe and do righteous work. For them Allah will replace their evil deeds with good. And ever is Allah Forgiving and Merciful.

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

मगर (हाँ) जिस शख्स ने तौबा की और ईमान क़ुबूल किया और अच्छे अच्छे काम किए तो (अलबत्ता) उन लोगों की बुराइयों को ख़ुदा नेकियों से बदल देगा और ख़ुदा तो बड़ा बख्शने वाला मेहरबान है

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

उसके सिवा, जिसने क्षमा याचना कर ली और ईमान लाया तथा कर्म किया अच्छा कर्म, तो वही हैं, बदल देगा अल्लाह, जिनके पापों को पुण्य से तथा अल्लाह अति क्षमी, दयावान् है।