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وَقَالُوْا لَوْلَآ اُنْزِلَ عَلَيْهِ اٰيٰتٌ مِّنْ رَّبِّهٖ ۗ قُلْ اِنَّمَا الْاٰيٰتُ عِنْدَ اللّٰهِ ۗوَاِنَّمَآ اَنَا۠ نَذِيْرٌ مُّبِيْنٌ  ( العنكبوت: ٥٠ )

And they say
وَقَالُوا۟
और उन्होंने कहा
"Why not
لَوْلَآ
क्यों नहीं
are sent down
أُنزِلَ
उतारी गईं
to him
عَلَيْهِ
उस पर
(the) Signs
ءَايَٰتٌ
निशानियाँ
from
مِّن
उसके रब की तरफ़ से
his Lord?"
رَّبِّهِۦۖ
उसके रब की तरफ़ से
Say
قُلْ
कह दीजिए
"Only
إِنَّمَا
बेशक
the Signs
ٱلْءَايَٰتُ
निशानियाँ
(are) with
عِندَ
पास हैं
Allah
ٱللَّهِ
अल्लाह के
and only
وَإِنَّمَآ
और बेशक
I (am)
أَنَا۠
मैं तो
a warner
نَذِيرٌ
डराने वाला हूँ
clear"
مُّبِينٌ
खुल्लम-खुल्ला

Waqaloo lawla onzila 'alayhi ayatun min rabbihi qul innama alayatu 'inda Allahi wainnama ana natheerun mubeenun (al-ʿAnkabūt 29:50)

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

उनका कहना है कि 'उसपर उसके रब की ओर से निशानियाँ क्यों नहीं अवतरित हुई?' कह दो, 'निशानियाँ तो अल्लाह ही के पास है। मैं तो केवल स्पष्ट रूप से सचेत करनेवाला हूँ।'

English Sahih:

But they say, "Why are not signs sent down to him from his Lord?" Say, "The signs are only with Allah, and I am only a clear warner." ([29] Al-'Ankabut : 50)

1 Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

और (कुफ्फ़ार अरब) कहते हैं कि इस (रसूल) पर उसके परवरदिगार की तरफ से मौजिज़े क्यों नही नाज़िल होते (ऐ रसूल उनसे) कह दो कि मौजिज़े तो बस ख़ुदा ही के पास हैं और मै तो सिर्फ साफ साफ (अज़ाबे ख़ुदा से) डराने वाला हूँ