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अज-ज़ुमर आयत ७५ | Az-Zumar 39:75

And you will see
وَتَرَى
और आप देखेंगे
the Angels
ٱلْمَلَٰٓئِكَةَ
फ़रिश्तों को
surrounding
حَآفِّينَ
घेरा डाले हुए
[from]
مِنْ
इर्द-गिर्द
around
حَوْلِ
इर्द-गिर्द
the Throne
ٱلْعَرْشِ
अर्श के
glorifying
يُسَبِّحُونَ
वो तस्बीह कर रहे होंगे
(the) praise
بِحَمْدِ
साथ तारीफ़ के
(of) their Lord
رَبِّهِمْۖ
अपने रब की
And (will) be judged
وَقُضِىَ
और फ़ैसला कर दिया जाएगा
between them
بَيْنَهُم
दर्मियान उनके
in truth
بِٱلْحَقِّ
साथ हक़ के
and it will be said
وَقِيلَ
और कह दिया जाएगा
"All praise be
ٱلْحَمْدُ
सब तारीफ़
to Allah
لِلَّهِ
अल्लाह के लिए है
(the) Lord
رَبِّ
जो रब है
(of) the worlds"
ٱلْعَٰلَمِينَ
तमाम जहानों का

Watara almalaikata haffeena min hawli al'arshi yusabbihoona bihamdi rabbihim waqudiya baynahum bialhaqqi waqeela alhamdu lillahi rabbi al'alameena

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

और तुम फ़रिश्तों को देखोगे कि वे सिंहासन के गिर्द घेरा बाँधे हुए, अपने रब का गुणगान कर रहे है। और लोगों के बीच ठीक-ठीक फ़ैसला कर दिया जाएगा और कहा जाएगा, 'सारी प्रशंसा अल्लाह, सारे संसार के रब, के लिए है।'

English Sahih:

And you will see the angels surrounding the Throne, exalting [Allah] with praise of their Lord. And it will be judged between them in truth, and it will be said, "[All] praise to Allah, Lord of the worlds."

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

और (उस दिन) फरिश्तों को देखोगे कि अर्श के गिर्दा गिर्द घेरे हुए डटे होंगे और अपने परवरदिगार की तारीफ की (तसबीह) कर रहे होंगे और लोगों के दरमियान ठीक फैसला कर दिया जाएगा और (हर तरफ से यही) सदा बुलन्द होगी अल्हमदो लिल्लाहे रब्बिल आलेमीन

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

तथा आप देखेंगे फ़रिश्तों को घेरे हुए अर्श (सिंहासन) के चतुर्दिक, वे पवित्रता गान कर रहे होंगे अपने पालनहार की प्रशंसा के साथ, निर्णय कर दिया जायेगा लोगों के बीच सत्य के साथ तथा कह दिया जायेगा कि सब प्रशंसा अल्लाह, सर्वलोक के पालनहार के लिए है।[1]