Skip to main content

لٰكِنِ اللّٰهُ يَشْهَدُ بِمَآ اَنْزَلَ اِلَيْكَ اَنْزَلَهٗ بِعِلْمِهٖ ۚوَالْمَلٰۤىِٕكَةُ يَشْهَدُوْنَ ۗوَكَفٰى بِاللّٰهِ شَهِيْدًاۗ   ( النساء: ١٦٦ )

But
لَّٰكِنِ
लेकिन
Allah
ٱللَّهُ
अल्लाह
bears witness
يَشْهَدُ
वो गवाही देता है
to what
بِمَآ
उसकी जो
He (has) revealed
أَنزَلَ
उसने नाज़िल किया
to you
إِلَيْكَۖ
तरफ़ आपके
He has sent it down
أَنزَلَهُۥ
उसने नाज़िल किया है उसे
with His Knowledge
بِعِلْمِهِۦۖ
अपने इल्म से
and the Angels
وَٱلْمَلَٰٓئِكَةُ
और फ़रिश्ते
bear witness
يَشْهَدُونَۚ
वो गवाही देते हैं
And is sufficient
وَكَفَىٰ
और काफ़ी है
Allah
بِٱللَّهِ
अल्लाह
(as) a Witness
شَهِيدًا
गवाह

Lakini Allahu yashhadu bima anzala ilayka anzalahu bi'ilmihi waalmalaikatu yashhadoona wakafa biAllahi shaheedan (an-Nisāʾ 4:166)

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

परन्तु अल्लाह गवाही देता है कि उसके द्वारा जो उसने तुम्हारी ओर उतारा है कि उसे उसने अपने ज्ञान के साथ उतारा है और फ़रिश्ते भी गवाही देते है, यद्यपि अल्लाह का गवाह होना ही काफ़ी है

English Sahih:

But Allah bears witness to that which He has revealed to you. He has sent it down with His knowledge, and the angels bear witness [as well]. And sufficient is Allah as Witness. ([4] An-Nisa : 166)

1 Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

मगर ख़ुदा तो इस पर गवाही देता है जो कुछ तुम पर नाज़िल किया है ख़ूब समझ बूझ कर नाज़िल किया है (बल्कि) उसकी गवाही तो फ़रिश्ते तक देते हैं हालॉकि ख़ुदा गवाही के लिए काफ़ी है