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अल-गाफिर आयत ८२ | Al-Ghafir 40:82

Do they not
أَفَلَمْ
क्या भला नहीं
travel
يَسِيرُوا۟
वो चले फिरे
through
فِى
ज़मीन में
the land
ٱلْأَرْضِ
ज़मीन में
and see
فَيَنظُرُوا۟
तो वो देखते
how
كَيْفَ
कैसा
was
كَانَ
हुआ
(the) end
عَٰقِبَةُ
अंजाम
(of) those who
ٱلَّذِينَ
उन लोगों का जो
(were) before them?
مِن
उनसे पहले थे
(were) before them?
قَبْلِهِمْۚ
उनसे पहले थे
They were
كَانُوٓا۟
थे वो
more numerous
أَكْثَرَ
अक्सर
than them
مِنْهُمْ
उनसे
and mightier
وَأَشَدَّ
और ज़्यादा शदीद
(in) strength
قُوَّةً
क़ुव्वत में
and impressions
وَءَاثَارًا
और आसार में
in
فِى
ज़मीन में
the land
ٱلْأَرْضِ
ज़मीन में
but not
فَمَآ
पस ना
availed
أَغْنَىٰ
काम आया
them
عَنْهُم
उन्हें
what
مَّا
जो कुछ
they used (to)
كَانُوا۟
थे वो
earn
يَكْسِبُونَ
वो कमाई करते

Afalam yaseeroo fee alardi fayanthuroo kayfa kana 'aqibatu allatheena min qablihim kanoo akthara minhum waashadda quwwatan waatharan fee alardi fama aghna 'anhum ma kanoo yaksiboona

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

फिर क्या वे धरती में चले-फिरे नहीं कि देखते कि उन लोगों का कैसा परिणाम हुआ, जो उनसे पहले गुज़र चुके है। वे उनसे अधिक थे और शक्ति और अपनी छोड़ी हुई निशानियों की दृष्टि से भी बढ़-चढ़कर थे। किन्तु जो कुछ वे कमाते थे, वह उनके कुछ भी काम न आया

English Sahih:

Have they not traveled through the land and observed how was the end of those before them? They were more numerous than themselves and greater in strength and in impression on the land, but they were not availed by what they used to earn.

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

तो क्या ये लोग रूए ज़मीन पर चले फिरे नहीं, तो देखते कि जो लोग इनसे पहले थे उनका क्या अंजाम हुआ, जो उनसे (तादाद में) कहीं ज्यादा थे और क़ूवत और ज़मीन पर (अपनी) निशानियाँ (यादगारें) छोड़ने में भी कहीं बढ़ चढ़ कर थे तो जो कुछ उन लोगों ने किया कराया था उनके कुछ भी काम न आया

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

तो क्या वह चले-फिरे नहीं धरती में, ताकि देखते कि कैसा रहा उनका परिणाम, जो उनसे पूर्व थे? वे उनसे अधिक कड़े थे, शक्ति में और धरती में अधिक चिन्ह[1] छोड़ गये। तो नहीं आया उनके काम, जो वे कर रहे थे।