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अल-जाथीया आयत १७ | Al-Jathiya 45:17

And We gave them
وَءَاتَيْنَٰهُم
और दीं हमने उन्हें
clear proofs
بَيِّنَٰتٍ
वाज़ेह निशानियाँ
of
مِّنَ
(मामले में) दीन के
the matter
ٱلْأَمْرِۖ
(मामले में) दीन के
And not
فَمَا
तो नहीं
they differed
ٱخْتَلَفُوٓا۟
उन्होंने इख़्तिलाफ़ किया
except
إِلَّا
मगर
after
مِنۢ
बाद उसके
after
بَعْدِ
बाद उसके
[what]
مَا
जो
came to them
جَآءَهُمُ
आया उनके पास
the knowledge
ٱلْعِلْمُ
इल्म
(out of) envy
بَغْيًۢا
ज़िद की वजह से
between themselves
بَيْنَهُمْۚ
आपस में
Indeed
إِنَّ
बेशक
your Lord
رَبَّكَ
रब आपका
will judge
يَقْضِى
वो फ़ैसला करेगा
between them
بَيْنَهُمْ
दर्मियान उनके
(on the) Day
يَوْمَ
दिन
(of) the Resurrection
ٱلْقِيَٰمَةِ
क़यामत के
about what
فِيمَا
उसमें जो
they used (to)
كَانُوا۟
थे वो
therein
فِيهِ
जिसमें
differ
يَخْتَلِفُونَ
वो इख़्तिलाफ़ करते

Waataynahum bayyinatin mina alamri fama ikhtalafoo illa min ba'di ma jaahumu al'ilmu baghyan baynahum inna rabbaka yaqdee baynahum yawma alqiyamati feema kanoo feehi yakhtalifoona

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

और हमने उन्हें इस मामले के विषय में स्पष्ट निशानियाँ प्रदान कीं। फिर जो भी विभेद उन्होंने किया, वह इसके पश्चात ही किया कि उनके पास ज्ञान आ चुका था और इस कारण कि वे परस्पर एक-दूसरे पर ज़्यादती करना चाहते थे। निश्चय ही तुम्हारा रब क़ियामत के दिन उनके बीच उन चीज़ों के बारे में फ़ैसला कर देगा, जिनमें वे परस्पर विभेद करते रहे है

English Sahih:

And We gave them clear proofs of the matter [of religion]. And they did not differ except after knowledge had come to them – out of jealous animosity between themselves. Indeed, your Lord will judge between them on the Day of Resurrection concerning that over which they used to differ.

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

और उनको दीन की खुली हुई दलीलें इनायत की तो उन लोगों ने इल्म आ चुकने के बाद बस आपस की ज़िद में एक दूसरे से एख्तेलाफ़ किया कि ये लोग जिन बातों से एख्तेलाफ़ कर रहें हैं क़यामत के दिन तुम्हारा परवरदिगार उनमें फैसला कर देगा

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

तथा दिये हमने उन्हें, खुले आदेश। तो उन्होंने विभेद नहीं किया, परन्तु अपने पास ज्ञान[1] आ जाने के पश्चात्, आपस के द्वेष के कारण। निःसंदेह आपका पालनहार ही निर्णय करेगा उनके बीच परलय के दिन, जिस बात में वे विभेद कर रहे हैं।