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bismillah
حمٓ
ح م

Hameem

हा॰ मीम॰

Tafseer (तफ़सीर )
تَنزِيلُ
नाज़िल करना है
ٱلْكِتَٰبِ
किताब का
مِنَ
अल्लाह की तरफ़ से
ٱللَّهِ
अल्लाह की तरफ़ से
ٱلْعَزِيزِ
जो बहुत ज़बरदस्त है
ٱلْحَكِيمِ
ख़ूब हिकमत वाला है

Tanzeelu alkitabi mina Allahi al'azeezi alhakeemi

इस किताब का अवतरण अल्लाह की ओर से है, जो अत्यन्त प्रभुत्वशाली, तत्वदर्शी है। -

Tafseer (तफ़सीर )
إِنَّ
बेशक
فِى
आसमानों में
ٱلسَّمَٰوَٰتِ
आसमानों में
وَٱلْأَرْضِ
और ज़मीन में
لَءَايَٰتٍ
अलबत्ता निशानियाँ हैं
لِّلْمُؤْمِنِينَ
ईमान वालों के लिए

Inna fee alssamawati waalardi laayatin lilmumineena

निस्संदेह आकाशों और धरती में ईमानवालों के लिए बहुत-सी निशानियाँ है

Tafseer (तफ़सीर )
وَفِى
और तुम्हारी पैदाइश में
خَلْقِكُمْ
और तुम्हारी पैदाइश में
وَمَا
और जो
يَبُثُّ
वो फैलाता है
مِن
जानदारों में से
دَآبَّةٍ
जानदारों में से
ءَايَٰتٌ
निशानियाँ हैं
لِّقَوْمٍ
उन लोगों के लिए
يُوقِنُونَ
जो यक़ीन रखते हैं

Wafee khalqikum wama yabuththu min dabbatin ayatun liqawmin yooqinoona

और तुम्हारी संरचना में, और उनकी भी जो जानवर वह फैलाता रहता है, निशानियाँ है उन लोगों के लिए जो विश्वास करें

Tafseer (तफ़सीर )
وَٱخْتِلَٰفِ
और इख़्तिलाफ़ में
ٱلَّيْلِ
रात
وَٱلنَّهَارِ
और दिन के
وَمَآ
और जो
أَنزَلَ
उतारा
ٱللَّهُ
अल्लाह ने
مِنَ
आसमान से
ٱلسَّمَآءِ
आसमान से
مِن
रिज़्क़ में से
رِّزْقٍ
रिज़्क़ में से
فَأَحْيَا
फिर उसने ज़िन्दा किया
بِهِ
साथ उसके
ٱلْأَرْضَ
ज़मीन को
بَعْدَ
बाद
مَوْتِهَا
उसकी मौत के
وَتَصْرِيفِ
और गर्दिश में
ٱلرِّيَٰحِ
हवाओं की
ءَايَٰتٌ
निशानियाँ हैं
لِّقَوْمٍ
उन लोगों के लिए
يَعْقِلُونَ
जो अक़्ल रखते हैं

Waikhtilafi allayli waalnnahari wama anzala Allahu mina alssamai min rizqin faahya bihi alarda ba'da mawtiha watasreefi alrriyahi ayatun liqawmin ya'qiloona

और रात और दिन के उलट-फेर में भी, और उस रोज़ी (पानी) में भी जिसे अल्लाह ने आकाश से उतारा, फिर उसके द्वारा धरती को उसके उन मुर्दा हो जाने के पश्चात जीवित किया और हवाओं की गर्दिश में भीलोगों के लिए बहुत-सी निशानियाँ है जो बुद्धि से काम लें

Tafseer (तफ़सीर )
تِلْكَ
ये
ءَايَٰتُ
आयात हैं
ٱللَّهِ
अल्लाह की
نَتْلُوهَا
हम पढ़ते हैं उन्हें
عَلَيْكَ
आप पर
بِٱلْحَقِّۖ
साथ हक़ के
فَبِأَىِّ
तो साथ किस
حَدِيثٍۭ
बात के
بَعْدَ
बाद
ٱللَّهِ
अल्लाह के
وَءَايَٰتِهِۦ
और उसकी आयात के
يُؤْمِنُونَ
वो ईमान लाऐंगे

Tilka ayatu Allahi natlooha 'alayka bialhaqqi fabiayyi hadeethin ba'da Allahi waayatihi yuminoona

ये अल्लाह की आयतें हैं, हम उन्हें हक़ के साथ तुमको सुना रहे हैं। अब आख़िर अल्लाह और उसकी आयतों के पश्चात और कौन-सी बात है जिसपर वे ईमान लाएँगे?

Tafseer (तफ़सीर )
وَيْلٌ
हलाकत है
لِّكُلِّ
वास्ते हर
أَفَّاكٍ
बहुत झूठे
أَثِيمٍ
बहुत गुनहगार के

Waylun likulli affakin atheemin

तबाही है हर झूठ घड़नेवाले गुनहगार के लिए,

Tafseer (तफ़सीर )
يَسْمَعُ
वो सुनता है
ءَايَٰتِ
आयात को
ٱللَّهِ
अल्लाह की
تُتْلَىٰ
जो पढ़ी जाती हैं
عَلَيْهِ
उस पर
ثُمَّ
फिर
يُصِرُّ
वो इसरार करता है
مُسْتَكْبِرًا
तकब्बुर करते हुए
كَأَن
गोया कि
لَّمْ
नहीं
يَسْمَعْهَاۖ
उसने सुना उन्हें
فَبَشِّرْهُ
तो ख़ुशख़बरी दे दीजिए उसे
بِعَذَابٍ
अज़ाब
أَلِيمٍ
दर्दनाक की

Yasma'u ayati Allahi tutla 'alayhi thumma yusirru mustakbiran kaan lam yasma'ha fabashshirhu bi'athabin aleemin

जो अल्लाह की उन आयतों को सुनता है जो उसे पढ़कर सुनाई जाती है। फिर घमंड के साथ अपनी (इनकार की) नीति पर अड़ा रहता है मानो उसने उनको सुना ही नहीं। अतः उसको दुखद यातना की शुभ सूचना दे दो

Tafseer (तफ़सीर )
وَإِذَا
और जब
عَلِمَ
वो जान लेता है
مِنْ
हमारी आयात में से
ءَايَٰتِنَا
हमारी आयात में से
شَيْـًٔا
कोई चीज़
ٱتَّخَذَهَا
वो बना लेता है उसे
هُزُوًاۚ
मज़ाक़
أُو۟لَٰٓئِكَ
यही लोग हैं
لَهُمْ
उनके लिए
عَذَابٌ
अज़ाब है
مُّهِينٌ
ज़लील करने वाला

Waitha 'alima min ayatina shayan ittakhathaha huzuwan olaika lahum 'athabun muheenun

जब हमारी आयतों में से कोई बात वह जान लेता है तो वह उनका परिहास करता है, ऐसे लोगों के लिए रुसवा कर देनेवाली यातना है

Tafseer (तफ़सीर )
مِّن
उनके आगे
وَرَآئِهِمْ
उनके आगे
جَهَنَّمُۖ
जहन्नम है
وَلَا
और ना
يُغْنِى
काम आएगा
عَنْهُم
उन्हें
مَّا
जो
كَسَبُوا۟
उन्होंने ने कमाया
شَيْـًٔا
कुछ भी
وَلَا
और ना
مَا
वो जो
ٱتَّخَذُوا۟
उन्होंने बना लिए
مِن
सिवाय
دُونِ
सिवाय
ٱللَّهِ
अल्लाह के
أَوْلِيَآءَۖ
हिमायती
وَلَهُمْ
और उनके लिए
عَذَابٌ
अज़ाब है
عَظِيمٌ
बहुत बड़ा

Min waraihim jahannamu wala yughnee 'anhum ma kasaboo shayan wala ma ittakhathoo min dooni Allahi awliyaa walahum 'athabun 'atheemun

उनके आगे जहन्नम है, जो उन्होंने कमाया वह उनके कुछ काम न आएगा और न यही कि उन्होंने अल्लाह को छोड़कर अपने संरक्षक ठहरा रखे है। उनके लिए तो बड़ी यातना है

Tafseer (तफ़सीर )
कुरान की जानकारी :
अल-जाथीया
القرآن الكريم:الجاثية
आयत सजदा (سجدة):-
सूरा (latin):Al-Jasiyah
सूरा:45
कुल आयत:37
कुल शब्द:488
कुल वर्ण:2191
रुकु:4
वर्गीकरण:मक्कन सूरा
Revelation Order:65
से शुरू आयत:4473