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अल-जाथीया आयत ३० | Al-Jathiya 45:30

Then as for
فَأَمَّا
तो रहे
those who
ٱلَّذِينَ
वो जो
believed
ءَامَنُوا۟
ईमान लाए
and did
وَعَمِلُوا۟
और उन्होंने अमल किए
[the] righteous deeds
ٱلصَّٰلِحَٰتِ
नेक
will admit them
فَيُدْخِلُهُمْ
तो दाख़िल करेगा उन्हें
their Lord
رَبُّهُمْ
रब उनका
in(to)
فِى
अपनी रहमत में
His mercy
رَحْمَتِهِۦۚ
अपनी रहमत में
That
ذَٰلِكَ
ये है
[it]
هُوَ
वो ही
(is) the success
ٱلْفَوْزُ
कामयाबी
clear
ٱلْمُبِينُ
वाज़ेह

Faamma allatheena amanoo wa'amiloo alssalihati fayudkhiluhum rabbuhum fee rahmatihi thalika huwa alfawzu almubeenu

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

अतः जो लोग ईमान लाए और उन्होंने अच्छे कर्म किए उन्हें उनका रब अपनी दयालुता में दाख़िल करेगा, यही स्पष्ट सफलता है

English Sahih:

So as for those who believed and did righteous deeds, their Lord will admit them into His mercy. That is what is the clear attainment.

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

ग़रज़ जिन लोगों ने ईमान क़ुबूल किया और अच्छे (अच्छे) काम किये तो उनको उनका परवरदिगार अपनी रहमत (से बेहिश्त) में दाख़िल करेगा यही तो सरीही कामयाबी है

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

तो जो ईमान लाये तथा सदाचार किये, उन्हें प्रवेश देगा उनका पालनहार अपनी दया में, यही प्रत्यक्ष (खुली) सफलता है।