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يَمُنُّوْنَ عَلَيْكَ اَنْ اَسْلَمُوْا ۗ قُلْ لَّا تَمُنُّوْا عَلَيَّ اِسْلَامَكُمْ ۚبَلِ اللّٰهُ يَمُنُّ عَلَيْكُمْ اَنْ هَدٰىكُمْ لِلْاِيْمَانِ اِنْ كُنْتُمْ صٰدِقِيْنَ   ( الحجرات: ١٧ )

They consider (it) a favor
يَمُنُّونَ
वो एहसान जताते है
to you
عَلَيْكَ
आप पर
that
أَنْ
कि
they have accepted Islam
أَسْلَمُوا۟ۖ
वो इस्लाम ले आए
Say
قُل
कह दीजिए
"(Do) not
لَّا
ना तुम एहसान जताओ
consider a favor
تَمُنُّوا۟
ना तुम एहसान जताओ
to me -
عَلَىَّ
मुझ पर
your Islam
إِسْلَٰمَكُمۖ
अपने इस्लाम का
Nay
بَلِ
बल्कि
Allah
ٱللَّهُ
अल्लाह
has conferred a favor
يَمُنُّ
वो एहसान करता है
upon you
عَلَيْكُمْ
तुम पर
that
أَنْ
कि
He has guided you
هَدَىٰكُمْ
उसने हिदायत दी तुम्हें
to the faith
لِلْإِيمَٰنِ
इमान के लिए
if
إِن
अगर
you are
كُنتُمْ
हो तुम
truthful
صَٰدِقِينَ
सच्चे

Yamunnoona 'alayka an aslamoo qul la tamunnoo 'alayya islamakum bali Allahu yamunnu 'alaykum an hadakum lileemani in kuntum sadiqeena (al-Ḥujurāt 49:17)

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

वे तुमपर एहसान जताते है कि उन्होंने इस्लाम क़बूल कर लिया। कह दो, 'मुझ पर अपने इस्लाम का एहसान न रखो, बल्कि यदि तुम सच्चे हो तो अल्लाह ही तुमपर एहसान रखता है कि उसने तुम्हें ईमान की राह दिखाई।-

English Sahih:

They consider it a favor to you that they have accepted IsLam. Say, "Do not consider your IsLam a favor to me. Rather, Allah has conferred favor upon you that He has guided you to the faith, if you should be truthful." ([49] Al-Hujurat : 17)

1 Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

(ऐ रसूल) तुम पर ये लोग (इसलाम लाने का) एहसान जताते हैं तुम (साफ़) कह दो कि तुम अपने इसलाम का मुझ पर एहसान न जताओ (बल्कि) अगर तुम (दावाए ईमान में) सच्चे हो तो समझो कि, ख़ुदा ने तुम पर एहसान किया कि उसने तुमको ईमान का रास्ता दिखाया