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अल-अनाम आयत १५० | Al-Anam 6:150

Say
قُلْ
कह दीजिए
"Bring forward
هَلُمَّ
हाज़िर करो
your witnesses
شُهَدَآءَكُمُ
अपने गवाहों को
those who
ٱلَّذِينَ
उनको जो
testify
يَشْهَدُونَ
गवाही देते हैं
that
أَنَّ
कि बेशक
Allah
ٱللَّهَ
अल्लाह ने
prohibited
حَرَّمَ
हराम किया है
this"
هَٰذَاۖ
उसे
Then if
فَإِن
फिर अगर
they testify
شَهِدُوا۟
वो गवाही दे दें
then (do) not
فَلَا
तो ना
testify
تَشْهَدْ
आप गवाही दें
with them
مَعَهُمْۚ
साथ उनके
And (do) not
وَلَا
और ना
follow
تَتَّبِعْ
आप पैरवी करें
(the) desires
أَهْوَآءَ
ख़्वाहिशात की
(of) those who
ٱلَّذِينَ
उनकी जिन्होंने
denied
كَذَّبُوا۟
झुठलाया
Our Signs
بِـَٔايَٰتِنَا
हमारी आयात को
and those who
وَٱلَّذِينَ
और (ना) उनकी जो
(do) not
لَا
नहीं वो ईमान लाते
believe
يُؤْمِنُونَ
नहीं वो ईमान लाते
in the Hereafter
بِٱلْءَاخِرَةِ
आख़िरत पर
while they
وَهُم
और वो
with their Lord
بِرَبِّهِمْ
साथ अपने रब के
set up equals
يَعْدِلُونَ
वो बराबर क़रार देते हैं

Qul halumma shuhadaakumu allatheena yashhadoona anna Allaha harrama hatha fain shahidoo fala tashhad ma'ahum wala tattabi' ahwaa allatheena kaththaboo biayatina waallatheena la yuminoona bialakhirati wahum birabbihim ya'diloona

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

कह दो, 'अपने उन गवाहों को लाओ, जो इसकी गवाही दें कि अल्लाह ने इसे हराम किया है।' फिर यदि वे गवाही दें तो तुम उनके साथ गवाही न देना, औऱ उन लोगों की इच्छाओं का अनुसरण न करना जिन्होंने हमारी आयतों को झुठलाया और जो आख़िरत को नहीं मानते और (जिनका) हाल यह है कि वे दूसरो को अपने रब के समकक्ष ठहराते है

English Sahih:

Say, [O Muhammad], "Bring forward your witnesses who will testify that Allah has prohibited this." And if they testify, do not testify with them. And do not follow the desires of those who deny Our verses and those who do not believe in the Hereafter, while they equate [others] with their Lord.

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

फिर अगर वही चाहता तो तुम सबकी हिदायत करता (ऐ रसूल) तुम कह दो कि ( अच्छा) अपने गवाहों को लाकर हाज़िर करो जो ये गवाही दें कि ये चीज़े (जिन्हें तुम हराम मानते हो) खुदा ही ने हराम कर दी हैं फिर अगर (बिलग़रज़) वह गवाही दे भी दे तो (ऐ रसूल) कहीं तुम उनके साथ गवाही न देना और जिन लोगों ने हमारी आयतों को झुठलाया और आख़िरत पर ईमान नहीं लाते और दूसरों को अपने परवरदिगार का हम सर बनाते है उनकी नफ़सियानी ख्वाहिशों पर न चलना

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

आप कहिए कि अपने साक्षियों (गवाहों) को लाओ[1], जो साक्ष्य दें कि अल्लाह ने इसे ह़राम (अवैध) कर दिया है। फिर यदि वे साक्ष्य (गवाही) दें, तबभी आप उनके साथ होकर इसे न मानें तथा उनकी मनमानी पर न चलें, जिन्होंने हमारी आयतों को झुठला दिया और परलोक पर ईमान (विश्वास) नहीं रखते तथा दूसरों को अपने पालनहार के बराबर करते हैं।