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وَهُوَ الَّذِيْ جَعَلَ لَكُمُ النُّجُوْمَ لِتَهْتَدُوْا بِهَا فِيْ ظُلُمٰتِ الْبَرِّ وَالْبَحْرِۗ قَدْ فَصَّلْنَا الْاٰيٰتِ لِقَوْمٍ يَّعْلَمُوْنَ   ( الأنعام: ٩٧ )

And He
وَهُوَ
और वो ही है
(is) the One Who
ٱلَّذِى
जिसने
made
جَعَلَ
बनाए
for you
لَكُمُ
तुम्हारे लिए
the stars
ٱلنُّجُومَ
सितारे
that you may guide yourselves
لِتَهْتَدُوا۟
ताकि तुम राह पाओ
with them
بِهَا
उनके ज़रिए
in
فِى
तारीकियों में
the darkness[es]
ظُلُمَٰتِ
तारीकियों में
(of) the land
ٱلْبَرِّ
खुश्की की
and the sea
وَٱلْبَحْرِۗ
और समुन्दर की
Certainly
قَدْ
तहक़ीक
We have made clear
فَصَّلْنَا
खोल कर बयान कर दीं हमने
the Signs
ٱلْءَايَٰتِ
आयात
for a people
لِقَوْمٍ
उन लोगों के लिए
(who) know
يَعْلَمُونَ
जो इल्म रखते हैं

Wahuwa allathee ja'ala lakumu alnnujooma litahtadoo biha fee thulumati albarri waalbahri qad fassalna alayati liqawmin ya'lamoona (al-ʾAnʿām 6:97)

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

और वही है जिसने तुम्हारे लिए तारे बनाए, ताकि तुम उनके द्वारा स्थल और समुद्र के अंधकारों में मार्ग पा सको। जो लोग जानना चाहे उनके लिए हमने निशानियाँ खोल-खोलकर बयान कर दी है

English Sahih:

And it is He who placed for you the stars that you may be guided by them through the darknesses of the land and sea. We have detailed the signs for a people who know. ([6] Al-An'am : 97)

1 Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

और वह वही (ख़ुदा) है जिसने तुम्हारे (नफे के) वास्ते सितारे पैदा किए ताकि तुम जॅगलों और दरियाओं की तारिक़ियों (अंधेरों) में उनसे राह मालूम करो जो लोग वाक़िफकार हैं उनके लिए हमने (अपनी क़ुदरत की) निशानियाँ ख़ूब तफ़सील से बयान कर दी हैं