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قُلْ اِنَّ الْمَوْتَ الَّذِيْ تَفِرُّوْنَ مِنْهُ فَاِنَّهٗ مُلٰقِيْكُمْ ثُمَّ تُرَدُّوْنَ اِلٰى عَالِمِ الْغَيْبِ وَالشَّهَادَةِ فَيُنَبِّئُكُمْ بِمَا كُنْتُمْ تَعْمَلُوْنَ ࣖ   ( الجمعة: ٨ )

Say
قُلْ
कह दीजिए
"Indeed
إِنَّ
बेशक
the death
ٱلْمَوْتَ
मौत
which
ٱلَّذِى
वो जो
you flee
تَفِرُّونَ
तुम भागते हो
from it
مِنْهُ
उससे
then surely it
فَإِنَّهُۥ
तो बेशक वो
(will) meet you
مُلَٰقِيكُمْۖ
मिलने वाली है तुमसे
Then
ثُمَّ
फिर
you will be sent back
تُرَدُّونَ
तुम लौटाए जाओगे
to
إِلَىٰ
तरफ़ जानने वाले
(the) All-Knower
عَٰلِمِ
तरफ़ जानने वाले
(of) the unseen
ٱلْغَيْبِ
ग़ैब के
and the witnessed
وَٱلشَّهَٰدَةِ
और हाज़िर के
and He will inform you
فَيُنَبِّئُكُم
फिर वो बता देगा तुम्हें
of what
بِمَا
वो जो
you used (to)
كُنتُمْ
थे तुम
do"
تَعْمَلُونَ
तुम अमल करते

Qul inna almawta allathee tafirroona minhu fainnahu mulaqeekum thumma turaddoona ila 'alimi alghaybi waalshshahadati fayunabbiokum bima kuntum ta'maloona (al-Jumuʿah 62:8)

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

कह दो, 'मृत्यु जिससे तुम भागते हो, वह तो तुम्हें मिलकर रहेगी, फिर तुम उसकी ओर लौटाए जाओगे जो छिपे और खुले का जाननेवाला है। और वह तुम्हें उससे अवगत करा देगा जो कुछ तुम करते रहे होगे।' -

English Sahih:

Say, "Indeed, the death from which you flee – indeed, it will meet you. Then you will be returned to the Knower of the unseen and the witnessed, and He will inform you about what you used to do." ([62] Al-Jumu'ah : 8)

1 Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

(ऐ रसूल) तुम कह दो कि मौत जिससे तुम लोग भागते हो वह तो ज़रूर तुम्हारे सामने आएगी फिर तुम पोशीदा और ज़ाहिर के जानने वाले (ख़ुदा) की तरफ लौटा दिए जाओगे फिर जो कुछ भी तुम करते थे वह तुम्हें बता देगा