Skip to main content

ذٰلِكَ اَمْرُ اللّٰهِ اَنْزَلَهٗٓ اِلَيْكُمْۗ وَمَنْ يَّتَّقِ اللّٰهَ يُكَفِّرْ عَنْهُ سَيِّاٰتِهٖ وَيُعْظِمْ لَهٗٓ اَجْرًا   ( الطلاق: ٥ )

That
ذَٰلِكَ
ये
(is the) Command
أَمْرُ
हुक्म है
(of) Allah
ٱللَّهِ
अल्लाह का
which He has sent down
أَنزَلَهُۥٓ
उसने नाज़िल किया है उसे
to you
إِلَيْكُمْۚ
तरफ़ तुम्हारे
and whoever
وَمَن
और जो कोई
fears
يَتَّقِ
डरेगा
Allah
ٱللَّهَ
अल्लाह से
He will remove
يُكَفِّرْ
वो दूर कर देगा
from him
عَنْهُ
उससे
his misdeeds
سَيِّـَٔاتِهِۦ
बुराइयाँ उसकी
and make great
وَيُعْظِمْ
और वो बड़ा कर देगा
for him
لَهُۥٓ
उसके लिए
(his) reward
أَجْرًا
अजर को

Thalika amru Allahi anzalahu ilaykum waman yattaqi Allaha yukaffir 'anhu sayyiatihi wayu'thim lahu ajran (aṭ-Ṭalāq̈ 65:5)

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

यह अल्लाह का आदेश है जो उसने तुम्हारी ओर उतारा है। और जो कोई अल्लाह का डर रखेगा उससे वह उसकी बुराईयाँ दूर कर देगा और उसके प्रतिदान को बड़ा कर देगा

English Sahih:

That is the command of Allah, which He has sent down to you; and whoever fears Allah – He will remove for him his misdeeds and make great for him his reward. ([65] At-Talaq : 5)

1 Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

ये ख़ुदा का हुक्म है जो ख़ुदा ने तुम पर नाज़िल किया है और जो ख़ुदा डरता रहेगा तो वह उसके गुनाह उससे दूर कर देगा और उसे बड़ा दरजा देगा