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अल-मारिज आयत ११ | Al-Ma’arij 70:11

They will be made to see each other
يُبَصَّرُونَهُمْۚ
वो दिखाए जाऐंगे उन्हें
Would wish
يَوَدُّ
चाहेगा
the criminal
ٱلْمُجْرِمُ
मुजरिम
if
لَوْ
काश
he (could be) ransomed
يَفْتَدِى
वो फ़िदये में दे दे
from
مِنْ
अज़ाब से (बचने के लिए)
(the) punishment
عَذَابِ
अज़ाब से (बचने के लिए)
(of) that Day
يَوْمِئِذٍۭ
उस दिन के
by his children
بِبَنِيهِ
अपने बेटों को

Yubassaroonahum yawaddu almujrimu law yaftadee min 'athabi yawmiithin bibaneehi

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

हालाँकि वे एक-दूसरे को दिखाए जाएँगे। अपराधी चाहेगा कि किसी प्रकार वह उस दिन की यातना से छूटने के लिए अपने बेटों,

English Sahih:

They will be shown each other. The criminal will wish that he could be ransomed from the punishment of that Day by his children.

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

कोई किसी दोस्त को न पूछेगा गुनेहगार तो आरज़ू करेगा कि काश उस दिन के अज़ाब के बदले उसके बेटों

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

(जबकि) वे उन्हें दिखाये जायेंगे। कामना करेगा पापी कि दण्ड के रूप में दे दे, उस दिन की यातना के, अपने पुत्रों को।