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अत-तौबा आयत ४३ | At-Taubah 9:43

(May) Allah forgive
عَفَا
माफ़ कर दिया
(May) Allah forgive
ٱللَّهُ
अल्लाह ने
you!
عَنكَ
आपको
Why (did)
لِمَ
क्यों
you grant leave
أَذِنتَ
इजाज़त दी आपने
to them
لَهُمْ
उन्हें
until
حَتَّىٰ
यहाँ तक कि
(became) evident
يَتَبَيَّنَ
ज़ाहिर हो जाते
to you
لَكَ
आपके लिए
those who
ٱلَّذِينَ
वो जिन्होंने
were truthful
صَدَقُوا۟
सच कहा
and you knew
وَتَعْلَمَ
और आप जान लेते
the liars?
ٱلْكَٰذِبِينَ
झूठों को

'afa Allahu 'anka lima athinta lahum hatta yatabayyana laka allatheena sadaqoo wata'lama alkathibeena

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

अल्लाह ने तुम्हे क्षमा कर दिया! तुमने उन्हें क्यों अनुमति दे दी, यहाँ तक कि जो लोग सच्चे है वे तुम्हारे सामने प्रकट हो जाते और झूठों को भी तुम जान लेते?

English Sahih:

Allah has pardoned you, [O Muhammad, but] why did you give them permission [to remain behind]? [You should not have] until it was evident to you who were truthful and you knew [who were] the liars.

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

(ऐ रसूल) ख़ुदा तुमसे दरगुज़र फरमाए तुमने उन्हें (पीछे रह जाने की) इजाज़त ही क्यों दी ताकि (तुम) अगर ऐसा न करते तो) तुम पर सच बोलने वाले (अलग) ज़ाहिर हो जाते और तुम झूटों को (अलग) मालूम कर लेते

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

(हे नबी!) अल्लाह आपको क्षमा करे! आपने उन्हें अनुमति क्यों दे दी? यहाँ तक कि आपके लिए जो सच्चे हैं, उजागर हो जाते और झूठों को जान लेते?