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अर र’आद आयत १३ | Ar Ar-Ra’d 13:13

And glorifies
وَيُسَبِّحُ
और तस्बीह करती है
the thunder
ٱلرَّعْدُ
कड़क
[with] His praise
بِحَمْدِهِۦ
साथ उसकी तारीफ़ के
and the Angels
وَٱلْمَلَٰٓئِكَةُ
और फ़रिश्ते
for
مِنْ
उसके ख़ौफ़ से
fear of Him
خِيفَتِهِۦ
उसके ख़ौफ़ से
And He sends
وَيُرْسِلُ
और वो भेजता है
the thunderbolts
ٱلصَّوَٰعِقَ
कड़कती बिजलियों को
and strikes
فَيُصِيبُ
फिर वो पहुँचाता है
with it
بِهَا
उन्हें
whom
مَن
जिस पर
He wills
يَشَآءُ
वो चाहता है
yet they
وَهُمْ
हालाँकि वो
dispute
يُجَٰدِلُونَ
वो झगड़ रहे होते हैं
about
فِى
अल्लाह के बारे में
Allah
ٱللَّهِ
अल्लाह के बारे में
And He
وَهُوَ
और वो
(is) Mighty
شَدِيدُ
सख़्त
(in) Strength
ٱلْمِحَالِ
क़ुव्वत वाला है

Wayusabbihu alrra'du bihamdihi waalmalaikatu min kheefatihi wayursilu alssawa'iqa fayuseebu biha man yashao wahum yujadiloona fee Allahi wahuwa shadeedu almihali

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

बादल की गरज उसका गुणगान करती है और उसके भय से काँपते हुए फ़रिश्ते भी। वही कड़कती बिजलियाँ भेजता है, फिर जिसपर चाहता है उन्हें गिरा देता है, जबकि वे अल्लाह के विषय में झगड़ रहे होते है। निश्चय ही उसकी चाल बड़ी सख़्त है

English Sahih:

And the thunder exalts [Allah] with praise of Him – and the angels [as well] from fear of Him – and He sends thunderbolts and strikes therewith whom He wills while they dispute about Allah; and He is severe in assault.

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

और ग़र्ज और फरिश्ते उसके ख़ौफ से उसकी हम्दो सना की तस्बीह किया करते हैं वही (आसमान से) बिजलियों को भेजता है फिर उसे जिस पर चाहता है गिरा भी देता है और ये लोग ख़ुदा के बारे में (ख्वामाख्वाह) झगड़े करते हैं हालॉकि वह बड़ा सख्त क़ूवत वाला है

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

और कड़क, अल्लाह की प्रशंसा के साथ उसकी पवित्रता का वर्णन करती है और फ़रिश्ते उसके भय से काँपते हैं। वह बिजलियाँ भेजता है, फिर जिसपर चाहता है, गिरा देता है तथा वे अल्लाह के बारे में विवाद करते हैं, जबकि उसका उपाय बड़ा प्रबल है[1]।