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رَبُّكُمُ الَّذِيْ يُزْجِيْ لَكُمُ الْفُلْكَ فِى الْبَحْرِ لِتَبْتَغُوْا مِنْ فَضْلِهٖۗ اِنَّهٗ كَانَ بِكُمْ رَحِيْمًا  ( الإسراء: ٦٦ )

Your Lord
رَّبُّكُمُ
रब तुम्हारा
(is) the One Who
ٱلَّذِى
वो है जो
drives
يُزْجِى
चलाता है
for you
لَكُمُ
तुम्हारे लिए
the ship
ٱلْفُلْكَ
कश्तियों को
in
فِى
समुन्दर में
the sea
ٱلْبَحْرِ
समुन्दर में
that you may seek
لِتَبْتَغُوا۟
ताकि तुम तलाश करो
of
مِن
उसके फ़ज़ल से
His Bounty
فَضْلِهِۦٓۚ
उसके फ़ज़ल से
Indeed He
إِنَّهُۥ
यक़ीनन वो
is
كَانَ
है वो
to you
بِكُمْ
तुम पर
Ever Merciful
رَحِيمًا
निहायत रहम करने वाला

Rabbukumu allathee yuzjee lakumu alfulka fee albahri litabtaghoo min fadlihi innahu kana bikum raheeman (al-ʾIsrāʾ 17:66)

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

तुम्हारा रब तो वह है जो तुम्हारे लिए समुद्र में नौका चलाता है, ताकि तुम उसका अनुग्रह (आजीविका) तलाश करो। वह तुम्हारे हाल पर अत्यन्त दयावान है

English Sahih:

It is your Lord who drives the ship for you through the sea that you may seek of His bounty. Indeed, He is ever, to you, Merciful. ([17] Al-Isra : 66)

1 Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

लोगों) तुम्हारा परवरदिगार वह (क़ादिरे मुत्तलिक़) है जो तुम्हारे लिए समन्दर में जहाज़ों को चलाता है ताकि तुम उसके फज़ल व करम (रोज़ी) की तलाश करो इसमें शक़ नहीं कि वह तुम पर बड़ा मेहरबान है