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अल कहफ़ आयत ९४ | Al-Kahf 18:94

They said
قَالُوا۟
उन्होंने कहा
"O Dhul-qarnain!
يَٰذَا
ऐ ज़ुलक़रनैन
"O Dhul-qarnain!
ٱلْقَرْنَيْنِ
ऐ ज़ुलक़रनैन
Indeed
إِنَّ
बेशक
Yajuj
يَأْجُوجَ
याजूज
and Majuj
وَمَأْجُوجَ
और माजूज
(are) corrupters
مُفْسِدُونَ
फ़साद करने वाले हैं
in
فِى
ज़मीन में
the land
ٱلْأَرْضِ
ज़मीन में
So may
فَهَلْ
तो क्या
we make
نَجْعَلُ
हम (जमा) कर दें
for you
لَكَ
तेरे लिए
an expenditure
خَرْجًا
कुछ ख़राज
[on]
عَلَىٰٓ
इस पर
that
أَن
कि
you make
تَجْعَلَ
तू बना दे
between us
بَيْنَنَا
दर्मियान हमारे
and between them
وَبَيْنَهُمْ
और दर्मियान उनके
a barrier?"
سَدًّا
एक बँद/दीवार

Qaloo ya tha alqarnayni inna yajooja wamajooja mufsidoona fee alardi fahal naj'alu laka kharjan 'ala an taj'ala baynana wabaynahum saddan

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

उन्होंने कहा, 'ऐ ज़ुलक़रनैन! याजूज और माजूज इस भूभाग में उत्पात मचाते हैं। क्या हम तुम्हें कोई कर इस बात काम के लिए दें कि तुम हमारे और उनके बीच एक अवरोध निर्मित कर दो?'

English Sahih:

They said, "O Dhul-Qarnayn, indeed Gog and Magog are [great] corrupters in the land. So may we assign for you an expenditure that you might make between us and them a barrier?"

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

उन लोगों ने मुतरज्जिम के ज़रिए से अर्ज़ की ऐ ज़ुलकरनैन (इसी घाटी के उधर याजूज माजूज की क़ौम है जो) मुल्क में फ़साद फैलाया करते हैं तो अगर आप की इजाज़त हो तो हम लोग इस ग़र्ज़ से आपसे पास चन्दा जमा करें कि आप हमारे और उनके दरमियान कोई दीवार बना दें

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

उन्होंने कहाः हे ज़ुलक़रनैन! वास्तव में, याजूज तथा माजूज उपद्रवी हैं, इस देश में। तो क्या हम निर्धारित कर दें आपके लिए कुछ धन। इसलिए कि आप हमारे और उनके बीच कोई रोक (बन्ध) बना दें?