Skip to main content

अल कहफ़ आयत ९५ | Al-Kahf 18:95

He said
قَالَ
उसने कहा
"What
مَا
जो
has established me
مَكَّنِّى
क़ुदरत दी है मुझे
[in it]
فِيهِ
इसमें
my Lord
رَبِّى
मेरे रब ने
(is) better
خَيْرٌ
बेहतर है
but assist me
فَأَعِينُونِى
पस तुम सब मदद करो मेरी
with strength
بِقُوَّةٍ
साथ क़ुव्वत के
I will make
أَجْعَلْ
मैं बनाऊँ
between you
بَيْنَكُمْ
दर्मियान तुम्हारे
and between them
وَبَيْنَهُمْ
और दर्मियान उनके
a barrier
رَدْمًا
एक मज़बूत बँद

Qala ma makkannee feehi rabbee khayrun faa'eenoonee biquwwatin aj'al baynakum wabaynahum radman

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

उसने कहा, 'मेरे रब ने मुझे जो कुछ अधिकार एवं शक्ति दी है वह उत्तम है। तुम तो बस बल में मेरी सहायता करो। मैं तुम्हारे और उनके बीच एक सुदृढ़ दीवार बनाए देता हूँ

English Sahih:

He said, "That in which my Lord has established me is better [than what you offer], but assist me with strength [i.e., manpower]; I will make between you and them a dam.

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

जुलकरनैन ने कहा कि मेरे परवरदिगार ने ख़र्च की जो कुदरत मुझे दे रखी है वह (तुम्हारे चन्दे से) कहीं बेहतर है (माल की ज़रूरत नहीं) तुम फक़त मुझे क़ूवत से मदद दो तो मैं तुम्हारे और उनके दरमियान एक रोक बना दूँ

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

उसने कहाः जो कुछ मुझे मेरे पालनहार ने प्रदान किया है, वह उत्तम है। तो तुम मेरी सहायता बल और शक्ति से करो, मैं बना दूँगा तुम्हारे और उनके मध्य एक दृढ़ भीत।