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۞ فَخَلَفَ مِنْۢ بَعْدِهِمْ خَلْفٌ اَضَاعُوا الصَّلٰوةَ وَاتَّبَعُوا الشَّهَوٰتِ فَسَوْفَ يَلْقَوْنَ غَيًّا ۙ  ( مريم: ٥٩ )

Then succeeded
فَخَلَفَ
तो पीछे आए
after them
مِنۢ
बाद उनके
after them
بَعْدِهِمْ
बाद उनके
successors
خَلْفٌ
बुरे जानशीन
who neglected
أَضَاعُوا۟
जिन्होंने ज़ाया कर दी
the prayer
ٱلصَّلَوٰةَ
नमाज़
and they followed
وَٱتَّبَعُوا۟
और उन्होंने पैरवी की
the lusts
ٱلشَّهَوَٰتِۖ
ख़्वाहिशात की
so soon
فَسَوْفَ
तो अनक़रीब
they will meet
يَلْقَوْنَ
वो जा मिलेंगे
evil
غَيًّا
गुमराही/हलाकत को

Fakhalafa min ba'dihim khalfun ada'oo alssalata waittaba'oo alshshahawati fasawfa yalqawna ghayyan (Maryam 19:59)

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

फिर उनके पश्चात ऐसे बुरे लोग उनके उत्तराधिकारी हुए, जिन्होंने नमाज़ को गँवाया और मन की इच्छाओं के पीछे पड़े। अतः जल्द ही वे गुमराही (के परिणाम) से दोचार होंगा

English Sahih:

But there came after them successors [i.e., later generations] who neglected prayer and pursued desires; so they are going to meet evil – ([19] Maryam : 59)

1 Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

फिर उनके बाद कुछ नाख़लफ (उनके) जानशीन हुए जिन्होंने नमाज़ें खोयी और नफ़सानी ख्वाहिशों के चेले बन बैठे अनक़रीब ही ये लोग (अपनी) गुमराही (के ख़ामयाजे) से जा मिलेंगे