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اِلَّا مَنْ تَابَ وَاٰمَنَ وَعَمِلَ صَالِحًا فَاُولٰۤىِٕكَ يَدْخُلُوْنَ الْجَنَّةَ وَلَا يُظْلَمُوْنَ شَيْـًٔا ۙ  ( مريم: ٦٠ )

Except
إِلَّا
सिवाय
(one) who
مَن
उसके जो
repented
تَابَ
तौबा करे
and believed
وَءَامَنَ
और वो ईमान ले आए
and did
وَعَمِلَ
और वो अमल करे
good (deeds)
صَٰلِحًا
नेक
Then those
فَأُو۟لَٰٓئِكَ
तो यही लोग हैं
will enter
يَدْخُلُونَ
वो दाख़िल होंगे
Paradise
ٱلْجَنَّةَ
जन्नत में
and not
وَلَا
और ना
they will be wronged
يُظْلَمُونَ
वो ज़ुल्म किए जाऐंगे
(in) anything
شَيْـًٔا
कुछ भी

Illa man taba waamana wa'amila salihan faolaika yadkhuloona aljannata wala yuthlamoona shayan (Maryam 19:60)

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

किन्तु जो तौबा करे और ईमान लाए और अच्छा कर्म करे, तो ऐसे लोग जन्नत में प्रवेश करेंगे। उनपर कुछ भी ज़ुल्म न होगा। -

English Sahih:

Except those who repent, believe and do righteousness; for those will enter Paradise and will not be wronged at all. ([19] Maryam : 60)

1 Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

मगर (हाँ) जिसने तौबा कर लिया और अच्छे-अच्छे काम किए तो ऐसे लोग बेहिश्त में दाख़िल होंगे और उन पर कुछ भी जुल्म नहीं किया जाएगा वह सदाबहार बाग़ात में रहेंगे