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अल बकराह आयत १९५ | Al-Baqrah 2:195

And spend
وَأَنفِقُوا۟
और ख़र्च करो
in
فِى
अल्लाह के रास्ते में
(the) way
سَبِيلِ
अल्लाह के रास्ते में
(of) Allah
ٱللَّهِ
अल्लाह के रास्ते में
and (do) not
وَلَا
और ना
throw (yourselves)
تُلْقُوا۟
तुम डालो
[with your hands]
بِأَيْدِيكُمْ
अपने हाथों को
into
إِلَى
तरफ़ हलाकत के
[the] destruction
ٱلتَّهْلُكَةِۛ
तरफ़ हलाकत के
And do good;
وَأَحْسِنُوٓا۟ۛ
और एहसान करो
indeed
إِنَّ
बेशक
Allah
ٱللَّهَ
अल्लाह
loves
يُحِبُّ
मोहब्बत रखता है
the good-doers
ٱلْمُحْسِنِينَ
एहसान करने वालों से

Waanfiqoo fee sabeeli Allahi wala tulqoo biaydeekum ila alttahlukati waahsinoo inna Allaha yuhibbu almuhsineena

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

और अल्लाह के मार्ग में ख़र्च करो और अपने ही हाथों से अपने-आपकोतबाही में न डालो, और अच्छे से अच्छा तरीक़ा अपनाओ। निस्संदेह अल्लाह अच्छे से अच्छा काम करनेवालों को पसन्द करता है

English Sahih:

And spend in the way of Allah and do not throw [yourselves] with your [own] hands into destruction [by refraining]. And do good; indeed, Allah loves the doers of good.

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

और ख़ुदा की राह में ख़र्च करो और अपने हाथ जान हलाकत मे न डालो और नेकी करो बेशक ख़ुदा नेकी करने वालों को दोस्त रखता है

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

तथा अल्लाह की राह (जिहाद) में धन ख़र्च करो और अपने-आपको विनाश में न डालो तथा उपकार करो, निश्चय अल्लाह उपकारियों से प्रेम करता है।