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अल बकराह आयत ४३ | Al-Baqrah 2:43

And establish
وَأَقِيمُوا۟
और क़ायम करो
the prayer
ٱلصَّلَوٰةَ
नमाज़
and give
وَءَاتُوا۟
और अदा करो
zakah
ٱلزَّكَوٰةَ
ज़कात
and bow down
وَٱرْكَعُوا۟
और रुकू करो
with
مَعَ
साथ
those who bow down
ٱلرَّٰكِعِينَ
रुकू करने वालों के

Waaqeemoo alssalata waatoo alzzakata wairka'oo ma'a alrraki'eena

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

और नमाज़ क़ायम करो और ज़कात दो और (मेरे समक्ष) झुकनेवालों के साथ झुको

English Sahih:

And establish prayer and give Zakah and bow with those who bow [in worship and obedience].

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

और ज़कात दिया करो और जो लोग (हमारे सामने) इबादत के लिए झुकते हैं उनके साथ तुम भी झुका करो

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

तथा नमाज़ की स्थापना करो और ज़कात दो तथा झुकने वालों के साथ झुको (रुकू करो)