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فَجَعَلْنٰهَا نَكَالًا لِّمَا بَيْنَ يَدَيْهَا وَمَا خَلْفَهَا وَمَوْعِظَةً لِّلْمُتَّقِيْنَ  ( البقرة: ٦٦ )

So We made it
فَجَعَلْنَٰهَا
तो बना दिया हमने इस (वाक़्ये) को
a deterrent punishment
نَكَٰلًا
इबरत
for those
لِّمَا
उनके लिए जो
(in) front
بَيْنَ
सामने थे उनके
(of) them
يَدَيْهَا
सामने थे उनके
and those
وَمَا
और जो
after them
خَلْفَهَا
पीछे (बाद) होंगे उनके
and an admonition
وَمَوْعِظَةً
और नसीहत
for those who fear (Allah)
لِّلْمُتَّقِينَ
मुत्तक़ी लोगों के लिए

Faja'alnaha nakalan lima bayna yadayha wama khalfaha wamaw'ithatan lilmuttaqeena (al-Baq̈arah 2:66)

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

फिर हमने इसे सामनेवालों और बाद के लोगों के लिए शिक्षा-सामग्री और डर रखनेवालों के लिए नसीहत बनाकर छोड़ा

English Sahih:

And We made it a deterrent punishment for those who were present and those who succeeded [them] and a lesson for those who fear Allah. ([2] Al-Baqarah : 66)

1 Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

पस हमने इस वाक़ये से उन लोगों के वास्ते जिन के सामने हुआ था और जो उसके बाद आनेवाले थे अज़ाब क़रार दिया, और परहेज़गारों के लिए नसीहत