ये वही लोग है जिनसे लोगों ने कहा, 'तुम्हारे विरुद्ध लोग इकट्ठा हो गए है, अतः उनसे डरो।' तो इस चीज़ ने उनके ईमान को और बढ़ा दिया। और उन्होंने कहा, 'हमारे लिए तो बस अल्लाह काफ़ी है और वही सबसे अच्छा कार्य-साधक है।'
English Sahih:
Those to whom people [i.e., hypocrites] said, "Indeed, the people have gathered against you, so fear them." But it [merely] increased them in faith, and they said, "Sufficient for us is Allah, and [He is] the best Disposer of affairs." ([3] Ali 'Imran : 173)
1 Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi
यह वह हैं कि जब उनसे लोगों ने आकर कहना शुरू किया कि (दुशमन) लोगों ने तुम्हारे (मुक़ाबले के) वास्ते (बड़ा लश्कर) जमा किया है पस उनसे डरते (तो बजाए ख़ौफ़ के) उनका ईमान और ज्यादा हो गया और कहने लगे (होगा भी) ख़ुदा हमारे वास्ते काफ़ी है
2 Azizul-Haqq Al-Umary
ये वे लोग हैं, जिनसे लोगों ने कहा कि तुम्हारे लिए लोगों (शत्रु) ने (वापिस आने का) संकल्प[1] लिया है। अतः उनसे डरो, तो इस (सूचना) ने उनके ईमान को और अधिक कर दिया और उन्होंने कहाः हमें अल्लाह बस है और वह अच्छा काम बनाने वाला है।