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يٰٓاَهْلَ الْكِتٰبِ لِمَ تُحَاۤجُّوْنَ فِيْٓ اِبْرٰهِيْمَ وَمَآ اُنْزِلَتِ التَّوْرٰىةُ وَالْاِنْجِيْلُ اِلَّا مِنْۢ بَعْدِهٖۗ اَفَلَا تَعْقِلُوْنَ  ( آل عمران: ٦٥ )

O People
يَٰٓأَهْلَ
ऐ अहले किताब
(of) the Book!
ٱلْكِتَٰبِ
ऐ अहले किताब
Why
لِمَ
क्यों
(do) you argue
تُحَآجُّونَ
तुम झगड़ा करते हो
concerning
فِىٓ
इब्राहीम के बारे में
Ibrahim
إِبْرَٰهِيمَ
इब्राहीम के बारे में
while not
وَمَآ
हालाँकि नहीं
was revealed
أُنزِلَتِ
उतारी गई
the Taurat
ٱلتَّوْرَىٰةُ
तौरात
and the Injeel
وَٱلْإِنجِيلُ
और इन्जील
except
إِلَّا
मगर
from?
مِنۢ
बाद उसके
after him?
بَعْدِهِۦٓۚ
बाद उसके
Then why don't
أَفَلَا
क्या भला नहीं
you use your intellect?
تَعْقِلُونَ
तुम अक़्ल रखते

Ya ahla alkitabi lima tuhajjoona fee ibraheema wama onzilati alttawratu waalinjeelu illa min ba'dihi afala ta'qiloona (ʾĀl ʿImrān 3:65)

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

'ऐ किताबवालो! तुम इबराहीम के विषय में हमसे क्यों झगड़ते हो? जबकि तौरात और इंजील तो उसके पश्चात उतारी गई है, तो क्या तुम समझ से काम नहीं लेते?

English Sahih:

O People of the Scripture, why do you argue about Abraham while the Torah and the Gospel were not revealed until after him? Then will you not reason? ([3] Ali 'Imran : 65)

1 Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

ऐ अहले किताब तुम इबराहीम के बारे में (ख्वाह मा ख्वाह) क्यों झगड़ते हो कि कोई उनको नसरानी कहता है कोई यहूदी हालॉकि तौरेत व इन्जील (जिनसे यहूद व नसारा की इब्तेदा है वह) तो उनके बाद ही नाज़िल हुई