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अज-जुखरूफ आयत १३ | Az-Zukhruf 43:13

That you may sit firmly
لِتَسْتَوُۥا۟
ताकि तुम जम कर बैठो
on
عَلَىٰ
उनकी पुश्तों पर
their backs
ظُهُورِهِۦ
उनकी पुश्तों पर
then
ثُمَّ
फिर
remember
تَذْكُرُوا۟
तुम याद करो
(the) favor
نِعْمَةَ
नेअमत
(of) your Lord
رَبِّكُمْ
अपने रब की
when
إِذَا
जब
you sit firmly
ٱسْتَوَيْتُمْ
तुम जम कर बैठ जाओ
on them
عَلَيْهِ
उन पर
and say
وَتَقُولُوا۟
और तुम कहो
"Glory be (to)
سُبْحَٰنَ
पाक है
the One Who
ٱلَّذِى
वो जिसने
has subjected
سَخَّرَ
मुसख़्खर किया
to us
لَنَا
हमारे लिए
this
هَٰذَا
उसे
and not
وَمَا
और ना
we were
كُنَّا
थे हम
of it
لَهُۥ
उसे
capable
مُقْرِنِينَ
क़ाबू में लाने वाले

Litastawoo 'ala thuhoorihi thumma tathkuroo ni'mata rabbikum itha istawaytum 'alayhi wataqooloo subhana allathee sakhkhara lana hatha wama kunna lahu muqrineena

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

ताकि तुम उनकी पीठों पर जमकर बैठो, फिर याद करो अपने रब की अनुकम्पा को जब तुम उनपर बैठ जाओ और कहो, 'कितना महिमावान है वह जिसने इसको हमारे वश में किया, अन्यथा हम तो इसे क़ाबू में कर सकनेवाले न थे

English Sahih:

That you may settle yourselves upon their backs and then remember the favor of your Lord when you have settled upon them and say, "Exalted is He who has subjected this to us, and we could not have [otherwise] subdued it.

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

ताकि तुम उसकी पीठ पर चढ़ो और जब उस पर (अच्छी तरह) सीधे हो बैठो तो अपने परवरदिगार का एहसान माना करो और कहो कि वह (ख़ुदा हर ऐब से) पाक है जिसने इसको हमारा ताबेदार बनाया हालॉकि हम तो ऐसे (ताक़तवर) न थे कि उस पर क़ाबू पाते

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

ताकि तुम सवार हो उनके ऊपर, फिर याद करो अपने पालनहार के प्रदान को, जब सवार हो जाओ उसपर और ये[1] कहोः पवित्र है वह, जिसने वश में कर दिया हमारे लिए इसे। अन्यथा हम इसे वश में नहीं कर सकते थे।