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अद-दुखान आयत ४० | Ad-Dukhan 44:40

Indeed
إِنَّ
बेशक
(the) Day of Judgment
يَوْمَ
दिन
(the) Day of Judgment
ٱلْفَصْلِ
फ़ैसले का
(is) an appointed term for them
مِيقَٰتُهُمْ
वक़्त मुक़र्रर है उनका
all
أَجْمَعِينَ
सब के सब का

Inna yawma alfasli meeqatuhum ajma'eena

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

निश्चय ही फ़ैसले का दिन उन सबका नियत समय है,

English Sahih:

Indeed, the Day of Judgement is the appointed time for them all –

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

बेशक फ़ैसला (क़यामत) का दिन उन सब (के दोबार ज़िन्दा होने) का मुक़र्रर वक्त है

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

निःसंदेह निर्णय[1] का दिन, उन सबका निश्चित समय है।