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अज़-ज़ारियात आयत २९ | Adh-Dhariyat 51:29

Then came forward
فَأَقْبَلَتِ
तो आगे बढ़ी
his wife
ٱمْرَأَتُهُۥ
बीवी उसकी
with
فِى
एक चीख़ के साथ
a loud voice
صَرَّةٍ
एक चीख़ के साथ
and struck
فَصَكَّتْ
तो उसने हाथ मारा
her face
وَجْهَهَا
अपने चेहरे पर
and she said
وَقَالَتْ
और वो कहने लगी
"An old woman
عَجُوزٌ
बुढ़िया
barren!"
عَقِيمٌ
बाँझ

Faaqbalati imraatuhu fee sarratin fasakkat wajhaha waqalat 'ajoozun 'aqeemun

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

इसपर उसकी स्त्री (चकित होकर) आगे बढ़ी और उसने अपना मुँह पीट लिया और कहने लगी, 'एक बूढ़ी बाँझ (के यहाँ बच्चा पैदा होगा)!'

English Sahih:

And his wife approached with a cry [of alarm] and struck her face and said, "[I am] a barren old woman!"

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

तो (ये सुनते ही) इबराहीम की बीवी (सारा) चिल्लाती हुई उनके सामने आयीं और अपना मुँह पीट लिया कहने लगीं (ऐ है) एक तो (मैं) बुढ़िया (उस पर) बांझ

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

तो सामने आयी उसकी पत्नी और उसने मार लिया (आश्चर्य से) अपने मुँह पर हाथ तथा कहाः मैं बाँझ बुढ़िया हूँ।