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अल-वाकिया आयत ८३ | Al-Waqi’ah 56:83

Then why not
فَلَوْلَآ
पस क्यों नहीं
when
إِذَا
जब
it reaches
بَلَغَتِ
पहुँच जाती है (जान)
the throat
ٱلْحُلْقُومَ
हलक़ को

Falawla itha balaghati alhulqooma

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

फिर ऐसा क्यों नहीं होता, जबकि प्राण कंठ को आ लगते है

English Sahih:

Then why, when it [i.e., the soul at death] reaches the throat

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

तो क्या जब जान गले तक पहुँचती है

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

फिर क्यों नहीं जब प्राण गले को पहुँचते हैं।