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अल-मारिज आयत ३० | Al-Ma’arij 70:30

Except
إِلَّا
सिवाए
from
عَلَىٰٓ
अपनी बीवियों के
their spouses
أَزْوَٰجِهِمْ
अपनी बीवियों के
or
أَوْ
या
what
مَا
जिनके
they possess
مَلَكَتْ
मालिक हुए
rightfully
أَيْمَٰنُهُمْ
दाऐं हाथ उनके
then indeed, they
فَإِنَّهُمْ
तो बेशक वो
(are) not
غَيْرُ
नहीं
blameworthy
مَلُومِينَ
मलामत किए जाने वाले

Illa 'ala azwajihim aw ma malakat aymanuhum fainnahum ghayru maloomeena

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

अपनी पत्नि यों या जो उनकी मिल्क में हो उनके अतिरिक्त दूसरों से तो इस बात पर उनकी कोई भर्त्सना नही। -

English Sahih:

Except from their wives or those their right hands possess, for indeed, they are not to be blamed –

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

तो इन लोगों की हरगिज़ मलामत न की जाएगी

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

सिवाय अपनी पत्नियों और अपने स्वामित्व में आये दासियों[1] के, तो वही निन्दित नहीं हैं।