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فَمَالِ الَّذِيْنَ كَفَرُوْا قِبَلَكَ مُهْطِعِيْنَۙ  ( المعارج: ٣٦ )

So what is with
فَمَالِ
तो क्या है
those who
ٱلَّذِينَ
उन्हें जिन्होंने
disbelieve
كَفَرُوا۟
कुफ़्र किया
before you
قِبَلَكَ
आपकी तरफ़
(they) hasten
مُهْطِعِينَ
दौड़ते चले आने वाले हैं

Famali allatheena kafaroo qibalaka muhti'eena (al-Maʿārij 70:36)

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

फिर उन इनकार करनेवालो को क्या हुआ है कि वे तुम्हारी ओर दौड़े चले आ रहे है?

English Sahih:

So what is [the matter] with those who disbelieve, hastening [from] before you, [O Muhammad], ([70] Al-Ma'arij : 36)

1 Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

तो (ऐ रसूल) काफिरों को क्या हो गया है