Skip to main content

अल-मारिज आयत ४४ | Al-Ma’arij 70:44

Humbled
خَٰشِعَةً
झुकी हुई होंगी
their eyes
أَبْصَٰرُهُمْ
निगाहें उनकी
will cover them
تَرْهَقُهُمْ
छा रही होगी उन पर
humiliation
ذِلَّةٌۚ
ज़िल्लत
That
ذَٰلِكَ
ये है
(is) the Day
ٱلْيَوْمُ
दिन
which
ٱلَّذِى
जिसका
they were
كَانُوا۟
थे वो
promised
يُوعَدُونَ
वो वादा किए जाते

Khashi'atan absaruhum tarhaquhum thillatun thalika alyawmu allathee kanoo yoo'adoona

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

उनकी निगाहें झुकी होंगी, ज़िल्लत उनपर छा रही होगी। यह है वह दिन जिससे वह डराए जाते रहे है

English Sahih:

Their eyes humbled, humiliation will cover them. That is the Day which they had been promised.

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

(निदामत से) उनकी ऑंखें झुकी होंगी उन पर रूसवाई छाई हुई होगी ये वही दिन है जिसका उनसे वायदा किया जाता था

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

झुकी होंगी उनकी आँखें, छाया होगा उनपर अपमान, यही वह दिन है जिसका वचन उन्हें दिया जा[1] रहा था।