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فَلَا صَدَّقَ وَلَا صَلّٰىۙ  ( القيامة: ٣١ )

And not
فَلَا
पस ना
he accepted (the) truth
صَدَّقَ
उसने तस्दीक़ की
and not
وَلَا
और ना
he prayed
صَلَّىٰ
उसने नमाज़ पढ़ी

Fala saddaqa wala salla (al-Q̈iyamah 75:31)

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

किन्तु उसने न तो सत्य माना और न नमाज़ अदा की,

English Sahih:

And he [i.e., the disbeliever] had not believed, nor had he prayed. ([75] Al-Qiyamah : 31)

1 Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

तो उसने (ग़फलत में) न (कलामे ख़ुदा की) तसदीक़ की न नमाज़ पढ़ी