Skip to main content

अल-फुरकान आयत २ | Al-Furqan 25:2

The One Who -
ٱلَّذِى
वो जो
to Him (belongs)
لَهُۥ
उसी के लिए है
(the) dominion
مُلْكُ
बादशाहत
(of) the heavens
ٱلسَّمَٰوَٰتِ
आसमानों
and the earth
وَٱلْأَرْضِ
और ज़मीन की
and not
وَلَمْ
और नहीं
He has taken
يَتَّخِذْ
उसने बनाई
a son
وَلَدًا
कोई औलाद
and not
وَلَمْ
और नहीं
He has
يَكُن
है
for Him
لَّهُۥ
उसके लिए
a partner
شَرِيكٌ
कोई शरीक
in
فِى
बादशाहत में
the dominion
ٱلْمُلْكِ
बादशाहत में
and He (has) created
وَخَلَقَ
और उसने पैदा किया
every
كُلَّ
हर
thing
شَىْءٍ
चीज़ को
and determined it
فَقَدَّرَهُۥ
पस उसने अन्दाज़ा किया उसका
(with) determination
تَقْدِيرًا
अन्दाज़ा करना

Allathee lahu mulku alssamawati waalardi walam yattakhith waladan walam yakun lahu shareekun fee almulki wakhalaqa kulla shayin faqaddarahu taqdeeran

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

वह जिसका राज्य है आकाशों और धरती पर, और उसने न तो किसी को अपना बेटा बनाया और न राज्य में उसका कोई साझी है। उसने हर चीज़ को पैदा किया; फिर उसे ठीक अन्दाजें पर रखा

English Sahih:

He to whom belongs the dominion of the heavens and the earth and who has not taken a son and has not had a partner in dominion and has created each thing and determined it with [precise] determination.

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

वह खुदा कि सारे आसमान व ज़मीन की बादशाहत उसी की है और उसने (किसी को) न अपना लड़का बनाया और न सल्तनत में उसका कोई शरीक है और हर चीज़ को (उसी ने पैदा किया) फिर उस अन्दाज़े से दुरुस्त किया

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

जिसके लिए आकाशों तथा धरती का राज्य है तथा उसने अपने लिए कोई संतान नहीं बनायी और न उसका कोई साझी है राज्य में तथा उसने प्रत्येक वस्तु की उत्पत्ति की, फिर उसे एक निर्धारित रूप दिया।